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राहत: एम्स और बीआरडी के डॉक्टर मिलकर करेंगे ब्लैक फंगस का इलाज, जल्द खत्म होगा वायरस

Wed, 19 May 2021 08:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज में एम्स बीआरडी मेडिकल कॉलेज की मदद करेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय से ब्लैक फंगस की जांच के लिए मशीन मांगी गई है। मशीन मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी। इस बीमारी के मरीजों के लिए पोस्ट कोविड ओपीडी की शुरुआत कर दी गई है। टेलिमेडिसिन के जरिए लोग सलाह ले सकते हैं। डॉ. सुरेखा किशोर ने बुधवार को एम्स में मीडिया से बातचीत में बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए रेफरल सेंटर चयनित किए जा रहे हैं, जिससे की गंभीर स्थिति होने पर उन्हें रेफर किया जा सके। एम्स दिल्ली और किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ से इसके लिए बात की जा रही है। एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और आरएमआरसी (क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र) की एक टीम बनाई गई है, जो कोरोना की रोकथाम और बचाव के लिए लोगों को जागरूक करेगी। इस काम में जरूरत पड़ने पर आईएमए की मदद ली जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों को इसके लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) और स्वास्थ्य मंत्रालय से गाइडलाइन आ गई है। एक-दो दिनों में ट्रेनिंग शुरू कर दी जाएगी।

 
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कोविड केयर सेंटर - फोटो : Amar Ujala
एम्स में 34 बेड का लेवल-टू कोविड अस्पताल शुरू
डॉ सुरेखा किशोर ने बताया कि राज्य सरकार की मदद से एम्स में 34 बेड का लेवल-टू कोविड अस्पताल शुरू कर दिया गया है। इसमें एक मरीज भर्ती है। एम्स में अभी वेंटिलेटर नहीं है। इस वजह से लेवल-थ्री का कोविड अस्पताल नहीं बनाया गया है। केवल ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। एंटीजन जांच, दवा व भोजन की व्यवस्था है। जल्द ही रीयल टाइम पालीमरेज चेन रियेक्शन (आरटीपीसीआर) जांच शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा कोविड संक्रमित गर्भवती के प्रसव के लिए दो लेबर टेबल व दो बेड लगा दिए गए हैं।




 
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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
पोस्ट कोविड मरीजों के लिए ओपीडी सेवा शुरू
डॉ सुरेखा किशोर ने बताया कि पोस्ट कोविड मरीजों के लिए एम्स में ओपीडी सेवा शुरू कर दी गई है। इसके लिए छह डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। इसमें नाक, कान, गला, आर्थो, मानसिक रोग विभाग, गाइनी, आंख के डॉक्टर शामिल हैं। कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके मरीज टेलीमेडिसिन से सलाह ले सकते हैं। इस बीच अगर डॉक्टरों को लगेगा कि मरीज को बुलाने की जरूरत है तो उन्हें एम्स में बुलाया जाएगा। इसके लिए एम्स प्रशासन ने एक फोन नंबर जारी किया है। उस नंबर पर सुबह नौ से शाम पांच बजे तक परामर्श लिया जा सकता है।

परामर्श का नंबर
0551- 2205599

 

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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
जून तक पूरा हो सकता है अस्पताल भवन
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स में भवन का काम कर रही संस्था ने जून तक अस्पताल भवन को पूरा करने की बात कही है। अगर जून तक भवन मिल जाता है तो आईपीडी सेवा शुरू कर दी जाएगी। साथ ही इमरजेंसी व ऑपरेशन थियेटर भी शुरू कर दिए जाएंगे। एम्स में डॉक्टरों की कमी नहीं है। इसके अलावा जर्मनी से जैसे ही ऑक्सीजन की मशीन आती है वैसे ही आईसीयू वार्ड भी शुरू किए जाएंगे।

 
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आईसीयू। - फोटो : अमर उजाला
पीडियाट्रिक आईसीयू भी बनाने की तैयारी
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि तीसरी लहर में बच्चों पर कोरोना संक्रमण का प्रभाव ज्यादा रहने की बात कही जा रही है। इस बारे में पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एम्स में पीडियाट्रिक आइसीयू के लिए एरिया चिह्नित करने का निर्देश दिया है। तीसरी लहर आने से पहले पीडियाट्रिक आइसीयू शुरू कर देंगे, जो 20 से 30 बेड का होगा। यह पूरी तरह से एडवांस टेक्नालॉजी का होगा। 15 बेड के आईसीयू बीआरडी को और 30 ऑक्सीजन सिलिंडर एम्स की तरफ से प्रशासन को दिए गए हैं।
 
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