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Navaratri 2022: नौ अभिनेत्रियों से जानिए दुर्गा के नौ रूपों का सार, हर दिन के ध्यान से शर्तिया बदल जाएगा जीवन

Mon, 26 Sep 2022 04:37 PM IST
कविता गोसाईंवाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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टीवी अभिनेत्रियां - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बुराई पर अच्छाई की और अधर्म पर धर्म की जीत का नौ दिन तक चलने वाला पर्व नवरात्रि अपनी पूरी छटा के साथ मुंबई में मनाया जा रहा है। बीती रात से ही मां दुर्गा की प्रतिमाओँ का घरों में गाजे बाजे के साथ आना शुरू हो गया। सोमवार को पहली नवरात्रि पर मां की विधिवित स्थापना पूजा के साथ ही रात से पूरे शहर में गरबा और डांडिया का उत्सव के रंग दिखने लगेंगे। नारी शक्ति को समर्पित इस पवित्र उत्सव के बारे में हमने नौ अलग अलग अभिनेत्रियों से बात की और उनसे शक्ति के इन नौ स्वरूपों के बारे में उनके विचार जाने। आइए जानते हैं...
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नेहा जोशी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
धारावाहिक ‘दूसरी मां‘ में यशोदा का किरदार निभा रहीं नेहा जोशी ने कहा, ‘‘नवरात्रि के पहले दिन देवी शैलपुत्री, जिन्हें देवी पार्वती के नाम से भी जाना जाता है, की पूजा की जाती है। देवी पार्वती को हिमालय की पुत्री माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि उनकी पूजा करने से जीवन में अत्यधिक चेतना, उत्साह, कामयाबी एवं खुशी आती है। वह प्रकृति मां का सम्पूर्ण रूप हैं। इस दिन देवी को प्रसन्न करने एवं खुशी तथा प्रसन्नता जाहिर करने के लिये लोग पीले रंग के परिधान पहनते हैं। मेरे होमटाऊन में हम देवी के चरणों में शुद्ध घी अर्पित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी  को शुद्ध घी अर्पित करने से माता प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को रोगों एवं बीमारियों से मुक्त जीवन का आशीर्वाद देती हैं।’
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कामना पाठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
धारावाहिक ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की राजेश सिंह ऊर्फ कामना पाठक ने कहा, ‘‘नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन हमें अपनी आंतरिक दिव्यता का पता लगाने का प्रयास करना चाहिए और मेडिटेशन अथवा ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक जागृति को जगाना चाहिए। देवी का यह स्वरूप समर्पण, प्रेम एवं निष्ठा को व्यक्त करता है। इसलिये उस ऊर्जा को प्रसारित करने के लिये हर दिन हरे रंग के वस्त्र पहने जाते हैं।’

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शुभांगी अत्रे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘भाबीजी घर पर हैं‘ में अंगूरी भाबी की भूमिका अदा कर रहीं, शुभांगी अत्रे ने कहा, ‘‘देवी दुर्गा का तीसरा स्वरूप मां चंद्रघंटा के नाम से प्रसिद्ध है। वह ग्रे रंग के परिधान पहनती हैं और मस्तक पर अर्द्धचंद्र धारण करती हैं। वह अपने भक्तों को मुसीबत में डालने वालों से संघर्ष करने और उनका संहार करने के लिये तैयार रहती हैं। वह शेर की सवारी करती हैं और ऐसी माना जाता है कि अपने इस रूप में माता रानी सभी दुष्टों और दुराचारियों का नाश करती हैं। इस क्रोधायुक्त देवी को प्रसन्न करने के लिये उन्हें दूध, मिठाई या खीर का भोग लगाया जाता है।‘‘
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निधि उत्तम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
धारावाहिक ‘दूसरी माँ‘ में माला बनीं निधि उत्तम ने कहा, ‘‘नवरात्रि के चौथे दिन देवी कूष्माण्डा की उपासना की जाती है। कूष्मांडा का अर्थ होता है कुम्हड (कद्दू)। यह एक सब्जी का नाम है और ऐसा माना जाता है कि इस सब्जी में जीवन को अवशोषित एवं उत्सर्जित करने की शक्ति होती है। देवी की चमक और उनके पास मौजूद दिव्यता सूर्य को प्रकाशित करती है। उन्हें ‘प्रसन्नचित्त देवी‘ भी कहा जाता है, जोकि जुनून, क्रोध एवं शुभता का प्रतीक हैं। इसलिये इस देवी को प्रसन्न करने के लिये भक्तजन नारंगी रंग के वस्त्र पहनते हैं।‘‘
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हिमानी शिवपुरी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हिमानी शिवपुरी ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में कटोरी अम्मा का किरदार निभा रही हैं। वह कहती हैं, ‘‘नवरात्रि के पांचवें दिन देवी स्कंदमाता की उपासना की जाती है और यह एक मां की शक्ति का प्रतीक हैं। देवी पार्वती का यह रूप भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में है। अपनी गोद में शिशु को विराजित कर वह मातृत्व को प्रदर्शित करती हैं। देवी के इस स्वरूप की उपासना करने से भक्तों को ज्ञान, धन, शक्ति, समृद्धि और मुक्ति मिलती है। मेरा मानना है कि इस ब्रह्मांड की वह हर महिला, जोकि एक माँ है, देवी के इस रूप का प्रतीक हैं।”
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विदिशा श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की अनीता भाबी यानी विदिशा श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘देवताओं की शक्ति से उत्पन्न हुईं कात्यायनी देवी ने महिषासुर का संहार किया था। वह दैवीय शक्ति का प्रतीक हैं, जो प्रकृति के संतुलन को पुनर्स्थापित करती हैं। नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है, जो आध्यात्मिक विकास की राह में बाधा बनने वाले हमारे आंतरिक शत्रुओं से छुटकारा दिलाने में हमारी मदद करती हैं। देवी कात्यायनी को पूजा के दौरान शहद चढ़ाया जाता है, क्योंकि ऐसा माना है कि उन्हें शहद पसंद है। कई श्रद्धालु माता को लाल पुष्प चढ़ाते हैं और इस दिन लाल वस्त्र पहनते हैं।‘‘

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अनीता प्रधान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
धारावाहिक ‘दूसरी माँ‘ में मालती देवी का किरदार अदा कर रहीं अनीता प्रधान ने कहा, ‘‘नवरात्रि के सातवें दिन यानी सप्तमी को देवी कालरात्रि की उपासना की जाती है। प्राचीन कथा के अनुसार, दानवों का संहार करने के लिये देवी ने अपनी त्वचा के रंग का बलिदान कर दिया और काला रूप धारण किया था। देवी कालरात्रि की चार भुजायें हैं और उन्होंने अपनी भुजाओं में तलवार, त्रिशूल और फंदा धारण कर रखा है। उनकी ललाट पर तीसरी आंख हैं और ऐसा कहा जाता है कि अपने इस नेत्र में उन्होंने पूरे ब्रह्मांड को समाया हुआ है। देवी दुर्गा का सबसे खतरनाक रूप, कालरात्रि उस अंधेरी रात का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो दुष्टों के संहार को प्रदर्शित करती है। नीला रंग देवी का पसंदीदा रंग है, जो देवी की शक्तिशाली ऊर्जा का प्रतीक है।‘‘

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सपना सिकरवार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में बिमलेश का किरदार अदा कर रहीं सपना सिकरवार ने कहा, ‘‘नवदुर्गा के आठवें स्वरूप को देवी महागौरी के नाम से जाना जाता है। देवी का यह स्वरूप अत्यंत सौम्य और खूबसूरत है एवं प्रकृति के शांत पहलू को प्रदर्शित करता है। महागौरी देवी पवित्रता, स्वच्छता, धीरज और शांति का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनकी उपासना करने से अपनी गलतियों को कम करने और उनका नाश करने में मदद मिलती है। इस दिन बैगनी रंग के परिधान पहनना शुभ माना जाता है।‘‘
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सोमा राठौड़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और मां के नौवें रूप के बारे में धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं‘ में अम्माजी का किरदार निभा रहीं सोमा राठौड़ अपने विचार साझा किए। वह कहती हैं, ‘‘देवी का नौवां रूप सिद्धिदात्री के नाम से विख्यात है। वह सिद्धि यानी कि परफेक्शन का प्रतीक हैं। देवी सिद्धिदात्री की उपासना से मस्तिष्क की जटिलताओं को दूर करने में मदद मिलती है। ऐसा कहा जाता है कि उनमें अलौकिक उपचार की शक्ति होती है और वह भक्तों को असंभव को संभव बनाने में मदद करती हैं। पीकॉक ग्रीन (मोर जैसा हरा रंग) इस दिन का शुभ रंग है। ऐसी मान्यता है कि अर्द्धनारीशवर शिव का आधा अंग देवी सिद्धिरात्री का ही है।‘‘
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