फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vikrant Massey: गुस्से में विक्रांत की स्कूल में हो गई थी लड़ाई, फिर लड़के की हालत देखकर खा ली थी यह कसम

Tue, 06 Aug 2024 12:20 PM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
विक्रांत मैसी - फोटो : इंस्टाग्राम
विक्रांत मैसी इन दिनों काफी चर्चा में हैं। वह लगातार फिल्मों में नजर आ रहे हैं। उनकी गिनती हिंदी सिनेमा के प्रतिभाशाली कलाकारों में होती रही है। अभिनेता इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'फिर आई हसीन दिलरुबा' को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब हाल ही में, विक्रांत ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि गुस्से में उन्होंने एक स्कूली बच्चे को मारा था और उसकी हालत देखकर उन्होंने फिर किसी पर हाथ न उठाने की कसम खाई थी।
विज्ञापन

2 of 5
विक्रांत मैसी - फोटो : इंस्टाग्राम
हाल ही में, एक इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि एक बार उन्होंने एक लड़के को मुक्का मारा था, लेकिन उन्हें एहसास नहीं हुआ कि वह लड़का मिर्गी का रोगी है। उस पल उन्हें एहसास हुआ कि वह अपने हाथों से किसी को मार सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
विक्रांत मैसी - फोटो : इंस्टाग्राम
विक्रांत ने कहा कि इस घटना के बाद, वह हमेशा झगड़ों में शिकार होने वाले व्यक्ति बनने लगे, क्योंकि उन्हें पता चल गया था कि वह कितना नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रखर के प्रवचन पॉडकास्ट पर विक्रांत ने 'हसीन दिलरुबा' और इसके सीक्वल 'फिर आई हसीन दिलरुबा' में अपने किरदार रिशु का उदाहरण दिया और कहा कि किरदार शायद अपनी 'हिंसक प्रवृत्ति' को पहचानता है और उसे 'दबाने' की कोशिश कर रहा है।

4 of 5
विक्रांत मैसी - फोटो : इंस्टाग्राम
उन्होंने कहा, "मैं आपको अपना खुद का जीवन अनुभव बताता हूं। मैं स्कूल में कराटे कर रहा था, मैं आक्रामक हो गया और खुद को विजेता महसूस करने लगा। छुट्टी के दौरान, मैंने एक लड़के के जबड़े पर मुक्का मारा, बिना यह महसूस किए कि वह मिर्गी का मरीज है।"
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
विक्रांत मैसी - फोटो : इंस्टाग्राम
विक्रांत ने आगे कहा,"मैंने देखा कि यह लड़का मेरे सामने झाग निकाल रहा था और होश खो रहा था। उसका बड़ा भाई आया और मुझे मारा। ये सब कुछ ही सेकंड में हो गया। मुझे भाई की पिटाई का दर्द महसूस नहीं हुआ क्योंकि उस वक्त मुझे डर था कि कहीं लड़का मर न जाए। मैंने यह सब छोड़ दिया, कराटे करना बंद कर दिया, क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि मैं किसी को मार सकता हूं। उसके बाद, मैं केवल झगड़ों में पिटता रहा क्योंकि मैंने फिर कभी हाथ नहीं उठाया।"

Trishakti Silver Jubilee: ‘त्रिशक्ति’ के पूरे हुए 25 साल, मधुर भंडारकर की पहली फिल्म नहीं कर पाई थी कमाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें