आखिरी रास्ता
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फिल्म के क्लाइमेक्स सीन में जहां दोनों बाप बेटे एक दूसरे के सामने होते हैं उसे फिल्माने को लेकर भी भाग्यराज और अमिताभ बच्चन भिड़ गए। सीन के संवादों को लेकर मामला इतना बिगड़ा कि वहां मौजूद लोगों को कुछ देर के लिए लोकेशन से जाने के लिए कह दिया गया ताकि निर्देशक और हीरो आपस में जिरह करके किसी नतीजे पर पहुंच सकें। लेकिन भाग्यराज सिनेमा के पुराने खिलाड़ी थे, उन्होंने अपना पांसा फेंका जिसमें अमिताभ फंस गए। उन्होंने कहा कि फिलहाल टाइम नहीं खराब करते हैं। एक बार शूटिंग वैसे कर लेते हैं जैसे आप चाहते हैं और एक बार वैसे भी शूट कर लेते हैं जैसा कि वह यानी भाग्यराज चाहते हैं। बाद में फैसला कर लेंगे कि फिल्म में सीन कौन सा रखना है।
तब तक अमिताभ का गुस्सा भी शांत हो चुका था और वह समझ भी गए थे कि शिप का कैप्टन कौन है। उन्होंने फिर वैसा ही किया जैसा भाग्यराज चाहते थे। भाग्यराज साउथ के इज्जतदार निर्देशक और अभिनेता रहे हैं। इस सीन को फिल्माने के बाद उनका मन हिंदी सिनेमा से इतना खट्टा हुआ कि उन्होंने तमाम ऑफर आने के बावजूद बरसों तक कोई हिंदी फिल्म निर्देशित नहीं की। बाद में श्रीदेवी के कहने पर कोई 10 साल बाद उन्होंने अनिल कपूर की फिल्म मिस्टर बेचारा निर्देशित की जो उनकी अपनी ही तमिल फिल्म वीतिले विशेषांगा पर बनी थी। आज के बाइस्कोप में इतना ही, कल यानी सात जून को बात करेंगे एक और ओल्डी गोल्डी की..। सिलसिला जारी है।
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(बाइस्कोप अमर उजाला डिजिटल का दैनिक कॉलम है जिसमें हम उस दिन रिलीज हुई किसी पुरानी फिल्म के बारे में चर्चा करते हैं।)