18 जून को होगी अगली सुनवाई
बेंच ने केंद्र, नेटफ्लिक्स और फिल्म का निर्माण करने वाली यशराज फिल्म्स को भी नोटिस जारी किए। इस मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के आठ सदस्यों ने फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की, क्योंकि उन्हें फिल्म के बारे में लेख मिले, जो जाहिर तौर पर 1862 के प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामले पर आधारित थे। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि यदि फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी गई तो उनकी धार्मिक भावनाएं गंभीर रूप से आहत होंगी। इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने तथा संप्रदाय के अनुयायियों के विरुद्ध हिंसा भड़कने की आशंका है।
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याचिकाकर्ताओं के वकील ने दी ये दलील
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर जोशी ने दलील दी कि यह फिल्म 1862 के मानहानि मामले पर आधारित है, जिसकी सुनवाई और निर्णय ब्रिटिश न्यायाधीशों द्वारा किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म में अदालत के फैसले के अंशों का संदर्भ दिया गया, जिसमें अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, जो संप्रदाय के अनुयायियों को प्रभावित करने वाली बात है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि मानहानि मामले का फैसला करने वाली ब्रिटिशकालीन अदालत ने हिंदू धर्म की निंदा की है तथा भगवान कृष्ण के साथ-साथ भक्ति गीतों और भजनों के खिलाफ गंभीर रूप से ईशनिंदा वाली टिप्पणियां की हैं।
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बिना ट्रेलर के रिलीज की जा रही फिल्म!
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि फिल्म को ट्रेलर या प्रचार कार्यक्रम के बिना गुप्त तरीके से रिलीज करने का प्रयास किया गया, ताकि इसकी कहानी तक किसी की पहुंच न हो। याचिकाकर्ताओं ने आगे कहा कि यदि ऐसी फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी गई तो उनकी धार्मिक भावनाएं गंभीर रूप से आहत होंगी और यह एक अपूरणीय क्षति होगी। इससे पहले याचिकाकर्ताओं ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संपर्क कर फिल्म की रिलीज रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया था।
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