जोया अख्तर, रीमा कागती
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आप और आपकी करीबी सहयोगी रीमा कागती शुरू से साथ काम करती आ रही हैं, दो रचनात्मक लोगों का मेल कितना मुश्किल होता है?
मेरे हिसाब से तो बहुत मुश्किल है। साथ काम करने की बजाय मैं कहूंगी कि हम आपस में सहयोग करते हैं। हम जिस कलाक्षेत्र में हैं, वह सहयोगी कला है। अकेले तो कोई फिल्म बना ही नहीं सकता। अभिनेता, निर्देशक, छायाकार, संगीतकार सबको सहयोग करना पड़ता है। लेकिन मुझे लगता है जो सबसे मुश्किल सहयोग है, वह दो लेखकों का होता है। दोनों के बीच अगर तारतम्य नहीं है तो बहुत मुश्किल होता है काम करना।