सोनू सूद का कहना है कि उनके काम से जांच करने वाले टैक्स अधिकारी खुश थे। उन्होंने कहा, मैंने टैक्स अधिकारियों को सारे कागजात दिए हैं। उन्हें जो कागजात चाहिए थे, उससे ज्यादा दिए। सोनू ने ये बातें अपने एक इंटरव्यू में कही हैं। उन्होंने कहा, मेरे पास लखनऊ व जयपुर में एक इंच भी जमीन नहीं है। विदेशी चंदे में हेराफेरी की बात पर सोनू ने कहा कि रजिस्टर्ड कंपनी को विदेशी फंड पाने के लिए एफसीआरए में रजिस्टर कराना होता है। मेरा फाउंडेशन रजिस्टर ही नहीं है, तो मैं विदेशी फंड्स ले ही नहीं सकता हूं।
उन्होंने कहा, ये विदेशी चंदा नहीं, बल्कि क्राउडफंडिंग से इकट्ठा पैसा है। सारा जमा पैसा हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज को जाना है। मेरे अकाउंट में विदेशी फंड का एक डॉलर तक नहीं आया है।