फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेब्यू के साथ ही चार हिट फिल्म देने वाले इस संगीतकार ने बिग बी को बनाया था सिंगर

Fri, 24 May 2019 04:37 PM IST
शिप्रा सक्सेना मुंबई डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 11
Rajesh Roshan - फोटो : file photo
मशहूर संगीतकार रोशन के बेटे राजेश रोशन ने अपने पिता की विरासत को हिंदी सिनेमा में एक नए मुकाम तक पहुंचाया है। चार दशकों से हिंदी सिनेमा को अपने संगीत से सजाते रहे संगीतकार राजेश रोशन आज जीवन के 64वें साल में कदम रखने जा रहे हैं। इस मौके पर आगे की स्लाइड्स में आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ रोचक तथ्य- 
विज्ञापन

2 of 11
Rajesh Roshan and Rakesh Roshan - फोटो : file photo
संगीत की विरासत
संगीतकार राजेश रोशन का जन्म 24 मई 1955 को हुआ। इनके पिता रोशनलाल नागरथ हिंदी सिनेमा के जाने माने संगीतकार थे। इनके पिता पंजाबी और मां बंगाली परिवार से थी। पिता की मौत के बाद इनके परिवार ने अपने नाम के आगे नागरथ की जगह रोशन लगाना शुरू कर दिया। पिता के अलावा इनके बड़े भाई फिल्म निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन और भतीजे ऋतिक रोशन भी हिंदी सिनेमा में बड़ी शख्सियत है। राजेश ने पिता के ही नक्शेकदम पर चलते हुए संगीत की दुनिया में बड़ा नाम कमाया।  
विज्ञापन

3 of 11
Rajesh Roshan - फोटो : file photo
प्राथमिक संगीत शिक्षा
बचपन में ही सिर से पिता का साया उठ जाने से राजेश की दुनिया उनकी मां तक ही सीमित रही। राजेश ने संगीत की प्राथमिक शिक्षा अपनी मां इरा रोशन से प्राप्त की। फैज अहमद खान के साथ संगीत रिहर्सल करते हुए इनकी मां इरा रोशन इन्हें भी संगीत की बारीकियां सिखाया करती। इसके बाद में इन्होंने हिंदी संगीत की मशहूर जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से भी संगीत प्रशिक्षण लिया। 

4 of 11
Rajesh Roshan and Rakesh Roshan - फोटो : file photo
बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा
बात उस समय की है जब राजेश रोशन सिर्फ दस साल के थे। एक दिन मन्ना डे, मोहम्मद रफी, आशा भोसले और रोशन फिल्म बरसात की रात के गाने ये इश्क इश्क है का रिहर्सल कर रहे थे। गीतकार साहिर लुधियानवी इस गाने की धुन को लेकर थोड़ा संशय में थे और संगीतकार रोशन भी थोड़ा असहज हो रहे थे। तो, राजेश रोशन को बुलाया गया। राजेश रोशन से इस गाने के बारे में राय मांगी गई और उनको ये गाना पसंद आने पर ही इसकी फाइनल रिकॉर्डिंग शुरू हुई। इसके बाद राजेश रोशन नियमित तौर पर अपने पिता के साथ गानों की सिटिंग पर बैठने लगे।
विज्ञापन

5 of 11
Rajesh, Rakesh and Hrithik - फोटो : file photo
म्यूजिक की सर्जिकल स्ट्राइक
राजेश रोशन को बतौर संगीतकार पहला मौका फिल्म कुंवारा बाप में अभिनेता और निर्देशक महमूद ने 'सज रही गली' गाने के लिए दिया था। इस गाने को राजेश ने 15 किन्नरों के साथ रिकॉर्ड किया। उन दिनों संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी हिंदी सिनेमा पर राज कर रही थी। इसके बावजूद राजेश के संगीत को काफी पसंद किया गया। राजेश रोशन पहले ऐसे संगीतकार हैं जिन्होंने डेब्यू के साथ ही चार सुपरहिट फिल्में दी। कुंआरा बाप के बाद रिलीज हुईं ये फिल्में हैं, देश परदेस, मनपसंद और लूटमार।
विज्ञापन

6 of 11
Julie - फोटो : file photo
जूली ने जमा दिया जलवा
70 और 80 के दशक में जब लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी हिंदी सिनेमा में पूरे शबाब पर थी उस समय किसी भी नए संगीतकार को हिंदी सिनेमा में स्थापित होना आसान नही था। 1975 में के एस सेतुमाधवन के निर्देशन में बनी फिल्म जूली ने राजेश को हिन्दी सिनेमा में पूरी तरह स्थापित कर दिया। इस फिल्म के संगीत की खूब तारीफ हुई और राजेश रोशन को इस साल के फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के खिताब से नवाजा गया। ये पुरस्कार राजेश रोशन ने एक बार फिर साल 2000 में फिल्म कहो ना प्यार है के लिए जीता।
विज्ञापन

7 of 11
mr natwarlal - फोटो : file photo
अमिताभ का पहला गाना
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने करियर का अपना पहला गाना राजेश रोशन के ही संगीत पर गाया। ये गाना है फिल्म नटवरलाल में अमिताभ पर ही फिल्माया गया गाना, मेरे पास आओ मेरे दोस्तों एक किस्सा सुनाऊं। इस गाने को याद कर राजेश बताते हैं, ‘फिल्म नटवरलाल की शूटिंग के दौरान अमित जी ने मुझे बुलाकर रिहर्सल के लिए कहा, लेकिन उस दिन ये गाना  फिल्म के निर्देशक को अच्छा नही लगा। फिर अगले दिन यह गाना बिना किसी रिहर्सल के रिकॉर्ड किया गया। 

8 of 11
Rajesh Roshan and Rakesh Roshan - फोटो : file photo
भाई राकेश रोशन के साथ जोड़ी
राजेश और राकेश रोशन दोनों भाइयों की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। राजेश कहते हैं, ‘राकेश भाई को खुश रखना बहुत ही कठिन काम है। नियमों के मामले वह बहुत ही कठोर है। मेरे साथ ही नहीं अपने बेटे ऋतिक के साथ भी राकेश इसी तरह पेश आते है।‘ राजेश रोशन, राकेश रोशन और ऋतिक रोशन ने कहो ना प्यार है,  कोई मिल गया,  कृष,  'कृष 3' और 'काबिल' जैसी फिल्मों में साथ काम किया है।

9 of 11
mohammad rafi - फोटो : file photo
मोहम्मद रफी संग किया काम
राजेश उन गिने चुने संगीतकरो में से है जिन्हें मोहम्मद रफी जैसे महान गीतकार के साथ काम करने का सौभाग्य प्राय हुआ। खास बात यह है की इनके पिता रोशन की भी मोहम्मद रफी के साथ खूब जमती थी और दोनों ने एकसाथ मिलकर कई खूबसूरत गीतों को अंजाम दिया था। अपने पिता के संगीत के बारे में राजेश कहते हैं, ‘अगर मेरा संगीत धरती है तो पापा का संगीत आसमान था, मेरे संगीत में सिर्फ लय है लेकिन पापा के संगीत में जान थी।’

10 of 11
Rajesh Roshan - फोटो : file photo
लोकप्रिय गाने भी पसंद
दशकों से संगीत की दुनिया में जी रहे राजेश ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं आधुनिक संगीत के मजे लेता रहता हूं। मैं आधुनिक संगीत शैली का आलोचक नही हूं। मैं आगे सड़क छाप गाने भी बनाना पसंद करूंगा। मै भी 'ढिंग चिका' जैसे गाने सुनता हूं। मेरा मानना है कि 'शीला की जवानी' और 'मुन्नी बदनाम हुई' जैसे गानों के उनके अपने श्रोता है।’ 
विज्ञापन

11 of 11
Rakesh and Rakesh - फोटो : file photo
बौद्धिक संपदा चोरी का मामला
साल 2008 में  संगीतकार राम संपत ने राजेश रोशन पर साहित्यिक चोरी का मुकदमा दर्ज किया था। फिल्म निर्माता राकेश रोशन की फिल्म क्रेजी 4 के संगीत के लिए राम संपत ने राजेश रोशन पर बौद्धिक संपदा चोरी का मुकदमा दर्ज किया। इस मुकदमे में राजेश रोशन खुद को निर्दोष नही साबित कर सके और समझौते के तौर पर उन्हें राम संपत को दो करोड़ रुपये देने पड़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें