ओटीटी पर इन दिनों फहाद फासिल की फिल्म ‘मालिक’ का खूब शोर है। इस फिल्म से पहले भी उनकी कुछ फिल्मों की हिंदी पट्टी में खासी चर्चा रही और फहाद को सिनेमा का ‘नया इरफान खान’ भी कहा जा रहा है। इसी फिल्म ‘मालिक’ से इसके निर्देशक महेश नारायणन को भी नई पहचान मिली है और अब फिल्म ‘फैंटम हॉस्पिटल’ से वह हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं। जंगली फिल्म्स में रहते हुए ‘तलवार’, ‘राजी’ और ‘बधाई हो’ जैसी फिल्मों के निर्माण से जुड़ी रहीं प्रीति की ये नई फिल्म स्वास्थ्य उद्योग में होने वाले एक अजीब से स्कैंडल पर आधारित है। वह कहती हैं, ‘हम सब अनजाने में ही सही पर इसका शिकार हो चुके हैं। इस फिल्म के जरिये हम दर्शकों को जगाना चाहते हैं और ये वास्तविकता बताना चाहते हैं।’
फिल्म ‘फैंटम हॉस्पिटल’ से खोजी पत्रकार से फिल्ममेकर बने जोसी जोसेफ भी जुड़े हुए हैं। वह कहते हैं, ‘भारत के बारे में सबसे हैरानी वाली बात ये है कि इसकी सच्ची कहानियां किसी भी लेखक की कल्पना से निकली कहानियों से कही ज्यादा नाटकीय होती हैं। लेकिन, परदे पर इन्हें पेश करने के लिए इनको कभी कायदे से तराशा नहीं गया। मुझे पक्का यकीन है कि फिल्म ‘फैंटम हॉस्पिटल’ सिनेमा को एक नई दिशा देने वाली फिल्म होगी। इसमें लोगों को महेश के हुनर का कौशल तो दिखेगा ही, लोग ये भी देखेंगे कि प्रीति चुनौती भरे प्रोजेक्ट को किस काबिलियत से संभालती हैं।’
हिंदी सिनेमा में अपने डेब्यू को लेकिर निर्देशक महेश नारायणन कहते हैं, ‘देश के हेल्थसेक्टर की सच्ची घटनाओं से प्रेरित कहानियों को सुनते ही मुझे लगा कि इन पर काम हो सकता है। बतौर निर्माता प्रीति साहनी के साथ आने और बतौर रचयिता जोसी जोसेफ के साथ होने से भी ये संगम विलक्षण बन गया है। मलयालम में बनी मेरी फिल्मों को हिंदीभाषी दर्शकों से इतना प्यार मिला है कि मैंने भी अब अपनी पहली हिंदी फिल्म बनाने का फैसला कर लिया है।’