मनोज बाजपेयी
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मनोज बाजपेयी से जब उनके अंतरधार्मिक विवाह से जुड़े संघर्षों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके माता पिता खुले विचारों के थे इसलिए उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। मनोज बाजपेयी कहते हैं, “पहले पहल तो दो इंसानों को अपना जीवन साथ बिताना है। जो समझदार हैं वह उनके बीच नहीं आते और जो समझदार नहीं हैं उन्हें ईश्वर भी मदद नहीं कर सकता है।”