हिंदी फिल्में गिनती की ही होती हैं जिनमें गाने नहीं होते। संगीत को हिंदी सिनेमा का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है और हिंदी सिनेमा के संगीतकारों में आर डी बर्मन उर्फ पंचम दा का नाम बहुत इज्जत से लिया जाता है। शास्त्रीय संगीत पर आधारित गाने हों या कि पाश्चात्य धुनों से प्रेरित धूम धड़ाके वाले गीत, आर डी बर्मन ने अमर प्रेम से लेकर ‘किनारा’, ‘यादों की बारात’, ‘जवानी दीवानी’, ‘शोले’, ‘सागर’, ‘लव स्टोरी’, ‘रॉकी’ ना जाने कितनी फिल्मों में ना जाने कितने सुपरहिट फिल्मी गाने बनाए। साल दर साल वह फिल्मफेयर पुरस्कार में अपना नाम सुनते रहे। फिल्में आती रहीं, जाती रहीं। ‘यादों की बारात’, ‘आपकी कसम’, ‘खेल खेल में’, ‘शोले’, ‘महबूबा’, ‘हम किसी से कम नहीं’, ‘किनारा’, ‘शालीमार’, ‘शान’ और ‘लव स्टोरी’, ये वे फिल्में हैं जिनके लिए आर डी बर्मन का नाम सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित हुआ पर ट्रॉफी देने का नंबर जब भी आया, उनका नाम नहीं पुकारा गया। ये सिलसिला थमा 1982 में रिलीज हुई फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ से।