भूमि पेडनेकर
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भूमि पेडनेकर ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, 'यह मंदिर 300 से 400 साल पुराने हैं। रावल नाथ मंदिर की किताबों में पेडणेकरों का जो सबसे पुराना जिक्र मिलता है, वह 1902 का है। मंदिर कहानियों से भरा हुआ है। यह पानी की औषधीय धाराओं से घिरा हुआ है जो स्वस्थ करने वाली और ऊर्जा देने वाली हैं। यहां पर जब भी आते हैं तो कुछ सीखने को मिलता है। सांस्कृतिक नजरिए से भरी-पूरी अपनी वंशावली के लिए मैं आभारी हूं।'