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सदाबहार: 'दो दिल मिल रहे हैं' से लेकर 'मेरे नसीब में तू है कि नहीं...', सुनिए आनंद बक्शी के ये सुपरहिट गाने

Wed, 21 Jul 2021 12:08 PM IST
शुभांगी गुप्ता एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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आनंद बक्शी - फोटो : सोशल मीडिया
चार हजार गाने, 40 बार फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन और करीब चार दशकों तक सिनेमा पर संगीत का जादू बिखेरने वाले जादूगर आनंद आनंद बक्शी ने जो कलम से लिखा वो संगीत की दुनिया में सुनहरा इतिहास बनकर दर्ज हो गया। शमशाद बेगम, अलका याग्निक, मन्ना डे और कुमार सानू जैसे गायक आते- जाते रहे लेकिन शब्दों को संगीत में पिरोने वाले आनंद बक्शी हमेशा मैदान में खड़े रहे। आनंद आनंद बक्शी का जन्म 21 जुलाई साल 1930 में मौजूदा पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में हुआ था।

जब मन कुछ ऐसा सुनने को करता है, जो दिल को छुए तो ऐसे में याद आते हैं आनंद बक्शी के गीत। गीतकार तो बहुत हुए हैं, लेकिन आनंद बक्शी के गीतों की खासियत उनकी सादगी ही रही। उनके गाने के बोल इतने सरल होते हैं कि आम आदमी की जुबान उन शब्दों के साथ पल भर में ही सहज महसूस करती है। हर गाने में एक फलसफा और फलसफे का अपना अलग अंदाज। यही वजह रही है कि उन्हें लोगों का भरपूर प्यार मिला। शब्दों के बाजीगर आनंद आनंद बक्शी की जन्म तिथि पर आज हम आपको उनके कुछ यादगार गीत सुनाते हैं।
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आनंद बख्शी - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : मेरे मेहबूब कयामत होगी
फिल्म : मिस्टर एक्स इन बॉम्बे (1964)
फिल्म मिस्टर एक्स इन बॉम्बे (1964) का लोकप्रिय गीत मेरे मेहबूब कयामत होगी... गीत के बोल आनंद आनंद बक्शी द्वारा लिखे गए हैं, म्यूजिक लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल द्वारा और किशोर कुमार द्वारा गाए गए हैं। 

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सावन का महीना - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : सावन का महीना
फिल्म : मिलन (1967)
मुकेश और लता मंगेशकर की आवाज में यह गाना सावन के महीने के बिना भी सावन जैसा सुहावना महसूस कराता है। इसकी वजह आनंद बक्शी के लिखे शानदार बोल ही हैं, जो लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत के साथ बेहतरीन तालमेल बनाते हैं। इस गाने के लिए आनंद बक्शी को पहली बार फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया था।    

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हम तुम एक कमरे में बंद हों - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : हम तुम एक कमरे में बंद हों
फिल्म : बॉबी (1973)

इस गीत में दो प्रेमियों की दिली ख्वाहिश को सटीक शब्दों में पिरोने का काम आनंद बक्शी से बेहतर शायद ही कोई कर सके। डिंपल कपाड़िया और ऋषि कपूर पर फिल्माए इस गीत को शैलेन्द्र सिंह और लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी है। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की प्रतिष्ठित जोड़ी के संगीत से सजे इस सदाबहार गीत के लिए आनंद बक्शी को फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया।  

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ओम शांति ओम - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : ओम शांति ओम  
फिल्म : कर्ज (1980)

नौजवानों को पुरजोर से गाने पर मजबूर कर देने वाला ये गाना उस समय का होने पर भी आज के समय जैसा लगता है। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत से सजा ये गाना आज भी बहुत लोकप्रिय है। आनंद बक्शी के लिखे इस गीत को किशोर कुमार ने भी अपनी आवाज देकर रही बची कसर पूरी कर दी। इस गीत के लिए आनंद बक्शी को फिल्मफेयर के लिए नामित किया गया। 

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इश्क बिना - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : इश्क बिना
फिल्म : ताल (1999)

गायक बदलते गए और संगीतकार भी बलदते गए, लेकिन आनंद बक्शी ने अपनी कलम का तिलिस्म बरकरार रखा। इस गीत को ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान ने संगीत दिया और सोनू निगम, अनुराधा श्रीराम और सुजाता मोहन ने अपनी आवाज दी। ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना पर फिल्माए इस गीत के लिए आनंद बक्शी को फिल्मफेयर अवार्ड से अलंकृत किया गया।

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तुझे देखा तो ये जाना सनम - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : तुझे देखा तो ये जाना सनम
फिल्म : दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995)

हिंदी सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी रोमांटिक फिल्म में आनंद बक्शी अपनी कलम का जादू न दिखाएं, ऐसा तो मुमकिन ही नहीं था। शाहरुख खान और काजोल की सुपरहिट जोड़ी पर फिल्माए गए इस गाने के शब्दों को आनंद ने एक धागे में पिरोया है। इस गीत को लता मंगेशकर और कुमार सानू ने गाया है, और संगीत दिया है जतिन-ललित ने। इस सदाबहार गाने के लिए आनंद को फिल्मफेयर अवार्ड से सुशोभित किया गया।

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कोरा कागज था - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : कोरा कागज था
फिल्म : आराधना (1969)
हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना को कामयाब बनाने में आनंद बक्शी के लिखे गीतों का बहुत बड़ा हाथ रहा है। लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाज में इस गीत को आज भी रेडियो पर खूब बजाया जाता है। राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर पर फिल्माए गए इस गीत को एस डी बर्मन ने संगीत दिया है। इस गीत के लिए आनंद बक्शी को फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया।


 

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परदेस - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : दो दिल मिल रहे हैं
फिल्म : परदेस (1997)
फिल्म परदेस का यह गाना आज भी सुनने को मिलता है तो जुबां पर से उतरता नहीं। इस खूबसूरत गाने को कुमार सानू ने अपनी आवाज दी, नदीम-श्रवण ने म्यूजिक और आनंद बक्शी के बोल। कहते हैं ना सोने पे सुहागा, इस गाने में कुछ ऐसा ही हुआ। शाहरुख खान और महिमा चौधरी पर फिल्माया गया है गाना आज भी लोग सुनना काफी पसंद करते हैं। 

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नसीब - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : मेरे नसीब में तू है कि नहीं
फिल्म : नसीब (1981)
आनंद बक्शी द्वारा लिए गए इस एक और खूबसूरत गाने को लता मंगेश्कर ने अपनी आवाज दी, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने म्यूजिक और बन गया है सुपरहिट। इस गाने को सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी पर फिल्माया गया है।

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बेताब - फोटो : सोशल मीडिया
गीत : जब हम जवां होंगे
फिल्म : बेताब (1983)

सनी देओल और अमृता सिंह पर फिल्माया गए गाने को लता मंगेश्कर और शब्बीर कुमार ने अपनी आवाज दी, आर डी बर्मन ने म्यूजिक और आनंद बक्शी के द्वारा लिए गए खूबसूरत बोल ने गाने में चार चांद लगा दिए थे। 

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