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Fight Against Cancer: ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहीं अभिनेत्री हंसा नंदिनी, दर्द साझा कर बोलीं, ‘इसकी जानकारी और इससे भिड़ना जरूरी’

Mon, 20 Dec 2021 02:25 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Hamsa nandini - फोटो : Instagram
दक्षिण भारत की ग्लैमर और फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना पहचाना नाम रही हैं हंसा नंदिनी। हंसा को लोगों ने तमाम फिल्मों में बेहतरीन गानों पर नाचते थिरकते देखा। उनकी अपनी जिंदगी भी बहुत खुशगवार तरीके से चल रही थी लेकिन फिर एक दिन उनके जीवन को हिला देने वाली एक जानकारी उन्हें उनके डॉक्टर से मिली। उन्हें कैंसर हो गया था। लेकिन, हंसा नंदिनी के मुताबिक कि कोई फर्क नहीं पड़ता कि जीवन मुझे क्या देता है, चाहे कितनी भी मुश्किल भरी क्यों न लगे लेकिन मैं एक पीड़ित की भूमिका को निभाने से इंकार करती हूं। मैं डर, निराशावाद और नकारात्मकता को हावी नहीं होने से इनकार करती हूं। मैं पीछे हटने से इंकार करती हूं। बल्कि मैं हिम्मत और प्यार से आगे बढ़ूंगी।
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Hamsa nandini - फोटो : Instagram
हंसा नंदिनी बताती हैं, ‘4 महीने पहले एक सुबह मुझे अपनी छाती में एक गांठ महसूस हुई। मैंने अपना मां को कैंसर की वजह से खो दिया था। मेरे सामने वह पूरा परिदृश्य फिल्म की रील की तरह घूम गया। मैं अपने पहले मैमोग्राम के लिए एक मैमोग्राफी  सेंटर पहुंचीं।  मेरा डर सच साबित हुआ और मुझे मुझे ग्रेड थ्री इनवेसिव कार्सिनोमा (स्तन कैंसर) का पता चला था। मेरी मां ने इसी कैंसर से लंबी लड़ाई लड़ी थी। मुझे इस जानकारी से आघात तो लगा लेकिन मैंने सकारात्मक रहकर इससे लड़ने का फैसला किया।’
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Hamsa nandini - फोटो : Instagram
खुद को कैंसर से लड़ने के लिए हंसा ने पूरी जानकारी हासिल की। चिकित्सकों से बात की और अपनी पूरी योजना तैयार की। वह कहती हैं, ‘मैंने जाना कि मुझे लम्पेक्टोमी, कीमोथेरेपी और विकिरण के 16 साइकल्स से गुजरना होगा। इस चीज ने मुझे मेरी मां की कैंसर की लड़ाई को याद दिलाया, जो उनके जाने के साथ ही खत्म हुईं, हालांकि उन्होंने उससे किसी बहादुर व्यक्ति की तरह लड़ा था। मुझे बीआरसीए नाम के एक टेस्ट से भी गुजरने के लिए कहा गया क्योंकि इस बात की संभावना थी कि मेरा कैंसर हेरेडिटरी (वंशानुगत) था।’

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Hamsa nandini - फोटो : Instagram
हंसा कहती हैं, ‘मैं कीमो के नौ साइकल्स से गुजर चुकी हूं, और मुझे सात और से गुजरना है। जब मैं खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से बदलते हुए देखती हूं तो मैं अपने अंदर खुद को अपनाने की भावना पैदा करने की कोशिश करती हूं। मेरा व्यवहार इस बात का सच्चा प्रतिबिंब है कि मैंने इस लड़ाई को अब तक कैसे आगे बढ़ाया है और मैं इसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दूंगी। यही सच्ची ताकत है और आगे की इस लंबी यात्रा का शुरुआती बिंदु भी।’
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Hamsa nandini - फोटो : Instagram
कैंसर से इस लड़ाई की बात को हंसा नंदिनी अपने प्रशंसकों के साथ साथ तमाम उन महिलाओं और उनके परिजनों के साथ भी बांटना चाहती हैं, जो स्तन कैंसर को लाइलाज मानते हैं। वह कहती हैं, ‘मैंने 40 साल की कम उम्र में अपनी मां को खो दिया। उन्होंने मुझे सिखाया कि कुछ सबसे बड़ी मुश्किलों को अक्सर बड़े कारण के लिए सबसे मजबूत अवसरों के लिए ही रखा जाता है। उस दृष्टिकोण से यह यात्रा मुझे एक ज्यादा जिम्मेदारी के रूप में दी गई है। मेरे जीवन में अब एक नया उद्देश्य जुड़ गया है। जहां तक एक्टिंग का सवाल है, जो हमेशा मेरा पहला प्यार रहेगा, मैं और मजबूत होकर इसके लिए जल्द वापस आऊंगी। ये मेरा वादा है।’

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हंसा कहती हैं, ‘मैं लोगों को समय रहते इस बीमारी का पता लगाने, इसे समझने और इसे एकजुट तरीके से निपटने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती हूं। मैं एक ऐसा वातावरण बनाना चाहती हूं जहां पर इस तरह की बातों की सही जानकारी मुहैया कराई जा सके और लोग अपने डर पर काबू पा सके। विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए जो या तो जागरूक नहीं हैं या उनके पास महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाएं नही हैं। मुझे एहसास हुआ कि मैं एक ऐसी चीज से गुजर रही हूं, जिससे कई महिलाएं पहले भी गुजर चुकी हैं। जोखिम वाली महिलाओं के लिए 'इसे' जानना और उनके विकल्पों को जानना बहुत जरूरी है।’
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