Hamsa nandini
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खुद को कैंसर से लड़ने के लिए हंसा ने पूरी जानकारी हासिल की। चिकित्सकों से बात की और अपनी पूरी योजना तैयार की। वह कहती हैं, ‘मैंने जाना कि मुझे लम्पेक्टोमी, कीमोथेरेपी और विकिरण के 16 साइकल्स से गुजरना होगा। इस चीज ने मुझे मेरी मां की कैंसर की लड़ाई को याद दिलाया, जो उनके जाने के साथ ही खत्म हुईं, हालांकि उन्होंने उससे किसी बहादुर व्यक्ति की तरह लड़ा था। मुझे बीआरसीए नाम के एक टेस्ट से भी गुजरने के लिए कहा गया क्योंकि इस बात की संभावना थी कि मेरा कैंसर हेरेडिटरी (वंशानुगत) था।’