रमा शर्मा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जैसा कि आप बताती हैं कि आपके परिवार में सभी अफसर, डॉक्टर, प्रोफेसर हैं तो आपको ये अभिनेत्री बनने का ख्याल कैसे आया?
मुझे बचपन से ही नाच, गाना, ड्रामा, नाटक पसंद रहा है। कला की तरफ मेरा रुझान था। 10 साल की थी जब मैं एक दिन अपने पापा डी सी शर्मा को लेकर अपने घर के पास एक फिल्म अकादमी पहुंच गई, वहां एडमिशन लेने। जावेद जाफरी का वहां पोस्टर लगा रहता था। दावा यही होता था कि वह भी वहां एक्टिंग सिखाने आते हैं। लेकिन, पता चला कि फीस डेढ़ लाख रुपये है। मध्यमवर्गीय परिवार के लिए ये बहुत बड़ी रकम थी। फिर स्कूल के नाटकों में ही सक्रिय होने लगी। कॉलेज में मेरी अभिनय यात्रा ने टेक ऑफ लिया। माता सुंदरी कॉलेज, दिल्ली की ड्रामा सोसायटी की फाउंडिंग मेंबर बनी और थियेटर करते करते साल 2019 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (सिक्किम) पहुंच गई।
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