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मासूमों को सहारा : कोरोना से अनाथ बच्चों की मदद करेंगी सरकारें, जानिए किस राज्य में क्या-क्या मिलेगा

Tue, 01 Jun 2021 03:33 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

आइए जानते हैं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की ओर से दी जाने वाली मदद राशि और सुविधाओं के बारे में तथा किस-किस राज्य में इन मासूम बच्चों के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं। 
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school students - फोटो : istock
वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 के जानलेवा संक्रमण की जद में आने से देशभर में लाखों लोग जान गंवा चुके हैं। हजारों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है तो कईयों ने अपने अभिभावकों को भी खो दिया। ऐसे में हजारों बच्चे अनाथ हो चुके हैं। इन बच्चों का लालन-पालन बड़ी चिंता है। ऐसे में इन बच्चों की मदद के लिए केंद्र सरकार और तमाम राज्यों सरकारों ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद कोरोना महामारी के कारण अनाथ हो चुके बच्चों की मदद के लिए सरकारें आगे आईं हैं। हालांकि, कुछ राज्य सरकारों ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से पहले ही अपने स्तर पर वित्तीय मदद और सुविधाओं को घोषणा की थी। लेकिन अब लगभग सभी राज्यों में बच्चों की मदद के लिए कदम उठाए गए हैं।
वहीं, केंद्र सरकार ने भी कई अहम घोषणाएं की हैं। साथ ही बच्चों को मौद्रिक सहायता और विभिन्न सुविधाएं देने का वादा किया है। आइए जानते हैं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की ओर से दी जाने वाली मदद राशि और सुविधाओं के बारे में तथा किस-किस राज्य में इन मासूम बच्चों के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं। 
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kids
केंद्र सरकार से क्या-क्या मिलेगा?
  1. कोरोना से अनाथ बच्चों को पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत 18 साल की उम्र में मासिक भत्ता।
  2. 23 साल की उम्र में पीएम केयर्स फंड से 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। 
  3. उच्च शिक्षा के लिए लोन दिया जाएगा, जिसका ब्याज पीएम केयर्स फंड से दिया जाएगा। 
  4. 18 वर्ष की आयु तक आयुष्मान भारत योजना के तहत 05 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, जिसका प्रीमियम पीएम केयर्स फंड से जाएगा। 
  5. इन बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। 
  6. 10 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम केंद्रीय विद्यालय या एक निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में दाखिला। तमाम खर्च पीएम-केयर्स फंड से किया जाएगा।
  7. 11-18 वर्ष के बच्चों को किसी भी केंद्र सरकार के आवासीय विद्यालय जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय आदि में प्रवेश दिया जाएगा। 
  8. ट्यूशन फीस के बराबर छात्रवृत्ति या स्नातक / व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क प्रदान किया जाएगा। 
  9. मिड-डे-मील योजना के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के 11.8 करोड़ छात्रों को मौद्रिक सहायता डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा।
 
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job interview - फोटो : istock
उत्तर प्रदेश
  1. उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते अपने मां-बाप को खोने वाले अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए कई प्रावधान किए हैं। 
  2. निराश्रित बच्चों के लालन - पालन, रहने, शिक्षा समेत अन्य सुविधाएं देने के लिए सरकार की ओर से  ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ प्रारंभ की गई है।
  3. कोरोना से अनाथ बच्चों की देखभाल करने वालों को सरकार जहां 4 हजार रुपये प्रतिमाह देगी। 
  4. वहीं, विवाह योग्य होने पर बालिकाओं की शादी के लिए एक लाख एक हजार रुपये की राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। 
  5. पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क लैपटाप व टैबलेट दिया जाएगा।
  6. 10 साल से छोटे निराश्रित बच्चों को राजकीय बाल गृह, अवयस्क बालिकाओं को आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रखा जाएगा। 
  7. इस योजना का लाभ उन सभी बच्चों को मिलेगा जिनके माता-पिता या दोनों में से किसी एक कमाऊ सदस्य की मौत 01 मार्च, 2020 के बाद कोरोना से हुई है।
 
 

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स्कूल - फोटो : amar ujala
उतराखंड
  1. झारखंड सरकार ने कोरोना संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों के बच्चों के भरण-पोषण और लालन-पालन के लिए कई कदम उठाए हैं।
  2. सरकार की ओर से अनाथ बच्चों की देखभाल करने वाले को हर महीने प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 
  3. इसके साथ ही बच्चों को बाल तस्करी से बचाने के लिए सभी जिलों में चाइल्ड केयर हेल्पलाइन शुरू की गई है। 
त्रिपुरा
  1. त्रिपुरा राज्य में सरकार ने अनाथ बच्चों के अभिभावक या केयर टेकर को बच्चों के 18 साल के होने तक 3,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
  2. वहीं, सरकारी बाल गृहों में रहने वाले बच्चों की मुफ्त पढ़ाई होगी। 10वीं पास करने वाले बच्चों को लैपटॉप या टैबलेट मिलेगा।
  3. इसके अलावा, सरकार की ओर से 21 साल की उम्र में लड़कियों को शादी के वक्त 50 हजार रुपये मिलेंगे। 
बिहार 
  1. बिहार सरकार की ओर से भी कोरोना वायरस महामारी में अनाथ हुए बच्चों के लिए सहायता की घोषणा की गई है। 
  2. बिहार में कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों को हर महीने 1500 रुपये देने का फैसला किया गया है।  
  3. वहीं, अनाथ बच्चों की देखभाल सरकारी बालगृह में होगी। 
  4. जबकि लड़कियों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भेजा जाएगा, जिसका पूरा खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी।
 
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स्कूल - फोटो : amar ujala
हरियाणा
  1. हरियाणा में कोरोना संक्रमण की वजह से जो बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई है। 
  2. जो बच्चे परिवारों में रहेंगे उन्हें 18 वर्ष तक 2,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे और पढ़ाई समेत अन्य खर्चों के लिए 12,000 रुपये सालाना दिए जाएंगे। 
  3. वहीं, जो बच्चे बाल देखभाल संस्थान में रहेंगे उन बच्चों को बाल देखभाल संस्थान पालेंगे। 
  4. 18 वर्ष तक इनके नाम से 1,500 रुपये प्रतिवर्ष जमा कराए जाएंगे। जब ये बच्चे 21 साल के हो जाएंगे तो ये जमा राशि इन्हें दे दी जाएगी। 
  5. जबकि, वयस्क लड़कियों को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। 
  6. मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51,000 रुपये भी इनके बैंक खाते में डाल दिए जाएंगे और विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि दी जाएगी। 
  7. कक्षा 8वीं से 12वीं के बीच या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी भी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को उनकी शिक्षा में सहायता के लिए एक टैबलेट प्रदान किया जाएगा।
मध्यप्रदेश
  1. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना’ की शुरुआत की है। 
  2. इस योजना के तहत 130 परिवारों के 173 बच्चों को 5000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता, नि:शुल्क राशन और बच्चों की निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
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students - फोटो : Freepik
कर्नाटक
  1. राज्य में कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए कर्नाटक सरकार ने बाल सेवा योजना की घोषणा की है।
  2. इस योजना के तहत अभिभावकों/देखभाल करने वालों को 3500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। 
  3. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनाथ बच्चों को आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा। 
  4. 10वीं कक्षा पूरी करने वाले बच्चों को उच्च/व्यावसायिक शिक्षा के लिए मुफ्त लैपटॉप/टैब दिया जाएगा। 
  5. 21 साल की उम्र पूरी करने वाली लड़कियों को शादी, उच्च शिक्षा, स्वरोजगार के लिए एक लाख रुपये दिए जाएंगे। 
  6. योजना के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें मेंटरशिप भी प्रदान की जाएगी।
असम
  1. असम सरकार राज्य में कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए प्रत्येक बच्चे की सार - संभाल करने वाले अभिभावक को उनकी शिक्षा के लिए 3,500 रुपये प्रति माह प्रदान करेगी।
  2. वहीं, जिन बच्चों के परिवार में और कोई सगा - संबंधी या रिश्तेदार नहीं है, ऐसे बच्चों को  राज्य सरकार द्वारा संचालित आवासीय संस्थानों में भेजा जाएगा। 
  3. राज्य सरकार ऐसे बच्चों के लालन - पालन, भरण - पोषण और पढ़ाई का सारा खर्च स्वयं उठाएगी।
 
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School Education - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ 
  1. कोरोना महामारी की वजह से अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को चंडीगढ़ प्रशासन मुफ्त शिक्षा मुहैया कराएगा। 
  2. इसके लिए सरकारी स्कूल के शिक्षकों को बच्चों के घर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। 
  3. बच्चे के आर्थिक हालात देखते हुए उसकी कॉलेज की शिक्षा का खर्च भी शिक्षा विभाग वहन कर सकता है।    
तमिलनाडु
  1. तमिलनाडु सरकार की ओर से राज्य में कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के नाम पर 05 लाख रुपये जमा कराए जाएंगे। 
  2. यह रकम उनके 18 वर्ष के पूरा होने पर उन्हें ब्याज के साथ मिलेगी। 
  3. जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मौत कोरोना महामारी से हो गई है, उन्हें स्नातक तक मुफ्त शिक्षा और सरकारी आश्रय गृहों या छात्रावासों में ठहरने में प्राथमिकता दी जाएगी। 
  4. वहीं, ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु कोविड-19 से हुई है, उन्हें तात्कालिक सहायता के तौर पर तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। 
  5. जिन बच्चों की परवरिश रिश्तेदार या अभिभावक द्वारा की जाएगी, उन्हें बच्चे के 18 साल का होने तक तीन हजार रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र
  1. महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार, 28 मई को कहा था कि महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से लेकर 12वीं कक्षा के उन छात्रों को वित्तीय मदद देने का फैसला किया है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है।  
केरल
  1. केरल सरकार ने 27 मई को घोषणा की थी कि राज्य सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों के बच्चों को ₹3,00,000 तत्काल राहत राशि के रूप में दिए जाएंगे। 
  2. इसके साथ ही ₹2,000 की मासिक राशि उन बच्चों के 18वें जन्मदिन तक दी जाएगी। 
  3. इसके अलावा, ऐसे बच्चों का स्नातक तक की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। 
गुजरात
  1. गुजरात सरकार की ओर से कोरोना के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को 18 साल की उम्र तक 4,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। 
  2. सरकार ऐसे बच्चों को उनके द्वारा पढ़ाई जारी रखने पर 6,000 रुपये प्रतिमाह देगी। 
  3. इसके अलावा, राज्य में अनाथ बच्चों को छात्रवृत्ति और सभी सरकारी योजनाओं और शिक्षा लोन में प्राथमिकता भी दी जाएगी।
 
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