उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने रविवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजे घोषित कर दिए। परीक्षा में टॉप किए ज्यादातर बच्चों के पास संसाधनों का अभाव था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और प्रदेश में माता-पिता का नाम रोशन किया। आइए आपको उनसे मिलवाते हैं।
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार दो छात्रों ने संयुक्त रूप से टॉप किया। सर्वोदय इंटर कॉलेज गोपालगंज, फतेहपुर के छात्र रजनीश शुक्ला और श्री साईं इंटर कॉलेज, बाराबंकी के छात्र आकाश मौर्या 93.20-93.20 फीसदी अंकों के साथ अव्वल रहे।
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रजनीश शुक्ला
फतेहपुर जिले के बिंदकी तहसील के गांव गोधरौली के रजनीश शुक्ला ने इंटर की परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान लाकर जिले का नाम रोशन किया है। गांव और स्कूल में जश्न का माहौल है। पिता इलाके के ही एक मांटेसरी स्कूल में शिक्षक हैं। मां गृहिणी हैं। बड़ा भाई व छोटी बहन भी स्कूल टॉपर रहे हैं। रजनीश आईपीएस बनकर देश व समाज की सेवा करना चाहते हैं।
रजनीश को 500 में से 466 अंक मिले हैं। इन्हें प्रदेश का टॉपर घोषित किया गया है। रजनीश अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुजन व माता-पिता, भाई-बहनों को देते हैं।
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यूपी बोर्ड
- फोटो : amar ujala
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश में टॉप करने वाले आकाश मौर्या लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। अभावों के बीच आकाश ने कड़ी मेहनत से अपने पिता और परिवार का नाम रोशन कर दिया है। पांच सौ में 466 अंक प्राप्त कर प्रदेश के टॉपर बने आकाश मौर्या के पिता ऑटो चलाते हैं। कांशीराम कॉलोनी में रहकर आकाश ने जो ऊंचाई हासिल की है, उससे उनका परिवार खुशी से फूला नहीं समां रहा है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को देते हैं। उनके पिता कुलदीप मौर्य बेटे की सफलता पर गदगद हैं। खुशी के आंसू के बीच पिता कुलदीप बताते हैं कि वो प्राइवेट गाड़ी चलाते हैं। पुत्र की पढ़ाई में जब बाधा आई तो ड्यूटी के बाद एक और ऑटो चलाकर ओवरटाइम करते थे।
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अनन्या राय
- फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली गाजीपुर के लूदर्स कान्वेंट बालिका इंटर कालेज की अनन्या राय वैज्ञानिक बनना चाहती है। उसे कुल 92.6 प्रतिशत अंक मिले हैं। जिले के लिए यह पहला मौका है, जब यहां की किसे परीक्षार्थी की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में अंडर टेन में जगह मिली है। भांवरकोल ब्लाक के सियाड़ी गांव की रहने वाली अनन्या राय के पिता मनोज कुमार राय किसान हैं। मां नीलम राय गृहिणी हैं। रिजल्ट घोषित होने के बाद अनन्या अपने विद्यालय लूदर्स कान्वेंट बालिका इंटर कॉलेज पहुंची। उसने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने मां-पिता के साथ ही विद्यालय और कोचिंग के शिक्षकों को दिया। विद्यालय के फिजिक्स के शिक्षक राजेश तथा प्रिंसिपल सिस्टर आल्फांसा का विशेष योगदान बताया। उसके लिए बड़ी बहन प्रियंका भी प्रेरणा का स्रोत रही है।
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अभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
जब साधारण से किसान रहीस सिंह के बेटे अभिषेक को हुआ जब उसके घर चलकर एसडीएम राम प्रकाश सिंह खुद आए और गुलदस्ता देकर उसे बोर्ड की 12वीं परीक्षा में प्रदेश में तीसरा स्थान आने पर बधाई दी। घर के हालात अच्छे नहीं थे। ऐसे में अभिषेक को मिला अमर उजाला की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति का सहारा। मानों उसके सपनों को पंख लग गए हों। उसने अपनी नवीं और दसवीं की पढ़ाई अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति से की है। मुरादाबाद के फत्तेहपुर नत्था निवासी अभिषेक के पिता रहीसपाल सिंह किसान हैं, जबकि मां कांती देवी गृहणी हैं। अभिषेक बचपन से ही पढ़ने में मेधावी है।
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यूपी बोर्ड
- फोटो : amar ujala
तीसरे स्थान पर रहे अजीत पटेल भी साधारण किसान के बेटे हैं। दोनों ने अपनी सफलता के पीछे माता पिता और गुरुजनों का सहयोग बताया। प्रदेश में टॉपरों की सूची में तीसरा स्थान पर आने वाले छात्र अजीत पटेल अपनी सफलता के पीछे माता-पिता और गुरुजनों को श्रेय देते हैं।
अजीत बताते हैं कि भाग्य के सहारे रहकर बुलंदियों को नहीं छुआ जा सकता है। खुद की मेहनत के बिना कोई मुकाम हासिल नहीं होगा। मध्यम वर्गीय किसान रामेश्वरन शरण अपने बेटे की सफलता पर बताते हैं कि हर सुख सुविधा का ध्यान दिया। उसे किसी प्रकार की तकलीफ ना हो इसका पूरा ख्याल रखा। किन्तु पढ़ाई से भटक न जाए इसके लिए कभी मोबाइल नहीं दिया।
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Anjali verma
रोज कॉलेज जाना, हर क्लास करना और कक्षा में पढ़ाए गए विषयों को घर पर लिखकर अच्छी तरह से दोहराना। सफलता के इन्हीं तीन मूल मंत्रों के बल पर बृज बिहारी सहाय इंटर कॉलेज शिवकुटी की छात्रा अंजलि वर्मा ने रविवार को यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में यूपी टॉप किया। शिवकुटी में बहन के साथ किराए पर रहकर बिना कोचिंग किए किसान की इस बेटी ने अपनी मेधा का परचम पूरे प्रदेश में लहराया। अंजलि का कहना है कि आने वाले समय में वह इंजीनियर बनकर नए-नए आविष्कार करेंगी। अंबेडकर नगर जिले के इयाकी सूबेदार का पूरा गांव निवासी किसान आशाराम वर्मा की बेटी अंजलि ने अमर उजाला से बातचीत में अंजलि ने घर से स्कूल तक के माहौल और पढ़ाई की अपनी रणनीति तक के अनुभवों को साझा किया। पढ़ाई के लिए ही माता-पिता ने गांव से दूर इलाहाबाद भेज दिया।
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यशस्वी
मुफलिसी के दौर में पढ़ाई कर फतेहपुर के विकास विद्या मंदिर जहानाबाद की छात्रा यशस्वी ने हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। रिजल्ट सुनते ही उसके खुशी के आंसू निकल आए। उसने इसका श्रेय परिजनों के साथ गुरुजनों को दे दिया है। किसान देवी प्रसाद की यह मेधावी बेटी अपनी दो बड़ी बहनों सौम्या, शिवानी और भाई शिवम में सबसे छोटी है। माता सुधा देवी गृहिणी हैं। परिवार का जीविकोपार्जन डेढ़ बीघे खेती पर निर्भर है। भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। बहनें बीएससी कर रही हैं। टॉपर ने बताया कि मुकाम हासिल करने में पैसे का संकट बहुत मायने रखता है। उसे इसी संकट से जूझना पड़ा लेकिन हिम्मत नहीं हारी। माता-पिता के हौसले ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया। गुरुजनों ने भी हौसला बढ़ाने के साथ आर्थिक मदद की।
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vinay verma
- फोटो : amar ujala
सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र के मनिकापुर में रहने वाले साधारण किसान धनीराम वर्मा के घर खुशियां बिखरने लगीं। उनके होनहार बेटे विनय वर्मा ने हाईस्कूल में जिला टॉप करते हुए प्रदेश की टॉप-10 मेरिट में भी तीसरा स्थान हासिल किया है। विनय के गांव से महमूदाबाद का सीता बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज करीब 15 किलोमीटर दूर है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाला विनय रोजाना साइकिल से कॉलेज आता-जाता है। ट्यूशन का खर्च वहन करने में सक्षम नही होने से कॉलेज के बाद घर में उसने स्वअध्याय किया। रोजाना 30 किमी. साइकिल चलाने के बाद भी विनय आठ घंटे पढ़ाई करता रहा। इस दौरान संसाधनों की कमी खली जरूर, लेकिन उसके ठोस इरादों के आगे टिक नहीं सकी।
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शनि वर्मा परिजनों के साथ
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल की परीक्षा में एक किसान के बेटे ने प्रदेश में तीसरी रैंक हासिल की है। बेहद सामान्य परिवार के शनि वर्मा ने हाईस्कूल की परीक्षा में 94.17 प्रतिशत अंक हासिल किया है। शनि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मामा को दिया है। गोंडा जिले के खोंडारे थाना क्षेत्र के कूकनगर ग्रांट गांव स्थित एमपीएस किसान इंटर कॉलेज के छात्र शनि वर्मा मूलत: अंबेडकरनगर जिले के टांडा तहसील के चौथइया (चिंतौरा) गांव के रहने वाले हैं। शनि वर्मा के पिता केशवराम वर्मा बेहद सामान्य परिवार से हैं और पेशे से किसान हैं। माता सीता वर्मा गृहणी हैं। शनि वर्मा के मामा संदीप वर्मा बस्ती जिले के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बभनान में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शनि अपने मामा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा है।
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अभिजीत सिंह
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कानपुर के बिठूर में रहने वाले किसान के बेटे अभिजीत सिंह कुशवाहा ने हाईस्कूल की परीक्षा में 93.33 प्रतिशत अंक पाकर प्रदेश में आठवां स्थान हासिल किया है।
द मॉडल इंटर कॉलेज कल्याणपुर सिंहपुर के छात्र अभिजीत बिठूर के सक्सू पुरवा गांव में रहता है। पिता शिवशंकर कुशवाहा और मां रचना गांव की दो बीघा जमीन पर सब्जी की खेती करके अभिजीत और बेटी दिव्या को पढ़ा रहे हैं। खेती करने के साथ ही पिता शिवशंकर उन्नाव की एक फैक्ट्री में काम भी करते हैं। अभिजीत पढ़ाई के साथ खेती में भी परिवार का सहयोग करता है। अभिजीत ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया।
महराजगंज के गांव शीतलपुर का प्रिंस विश्वकर्मा रविवार को साइकिल के पंक्चर बनाने के लिए पिता की दुकान पर नहीं गया। उसने अपने पिता फूलबदन से बता दिया था कि हाईस्कूल का रिजल्ट आ रहा है। वह स्कूल में रिजल्ट देखेगा, क्योंकि साइबर कैफे में रिजल्ट देखने के लिए पैसे लगेंगे। स्कूल में प्रिंस को जैसे ही पता चला कि वह प्रदेश के टॉप टेन में नौवें और जिले में पहले स्थान पर है तो सबसे पहले अपने पिता को फोन करके खुशी साझा की। प्रिंस के 93.17 प्रतिशत (559/600) अंक आए हैं।
घर पर प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करने वाले प्रिंस का परिवार दो कमरों के टीनशेड वाले मकान में रहता है। घर में शौचालय नहीं है, सो पूरे परिवार को सुबह सूरज निकलने से पहले ही खेत में दिशा मैदान को जाना पड़ता है। प्रिंस रोज 12 किलोमीटर दूर अपने स्कूल आरपीएचएस इंटर कालेज साइकिल से आता-जाता है। प्रिंस ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहता है।