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आईएएस बनना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, जिससे आप डर जाएं। बस खुद को पॉजिटिव रखें और नकारात्मकता फैलाने वालों से दूर रहें। हिंदी माध्यम के छात्र अक्सर अंग्रेजी भाषा से डरते हैं, लेकिन इसे हौव्वा न समझें और इसकी अच्छे से तैयारी करें। अंग्रेजी के प्रति एक बात ध्यान में रखें कि वह हिंदी से ज्यादा आसान होगी। हिंदी वर्णमाला में 52 अक्षर हैं, तो अंग्रेजी में 26 हैं।
उन्होंने बताया कि इंटरव्यू में पहला प्रश्न भाषा को लेकर ही पूछा गया था कि आप हिंदी में इंटरव्यू देना चाहेंगे या अंग्रेजी में। उन्होंने कहा, ‘मेरी प्राथमिकता हिंदी होगी, लेकिन यदि आप अंग्रेजी में करना चाहें, तो मुझे ऐतराज नहीं है।’ इसके बाद पैनल ने उनसे भाषा, अंग्रेजी, समाज, धर्म, भारतीय अर्थव्यवस्था, राजनीति आदि विषयों पर 35 मिनट तक चर्चा की। वे किसी भी प्रश्न पर घबराए नहीं, सहजता से जवाब दिए।
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