जितेंद्र गोगी की फाइल फोटो और मृत पड़ा गोगी
- फोटो : अमर उजाला
बचपन में गोगी को वॉलीबाल खेलने का शौक था
जितेंद्र गोगी का घर अलीपुर गांव छोटा शिव मन्दिर के पास है। गांव वालों मुताबिक जितेंद्र गोगी के पिता मेहर सिंह की वर्ष 2010 में कैंसर की बीमारी से मौत हो चुकी है। परिवार में उसकी मां पदमेश्वरी, बड़ा भाई रविंद्र मान और बहनें हैं। मेहर सिंह ठेकेदार थे जबकि रविंद्र के कई टेंपो हैं, जिसे वह चलवाता है। लोगों ने बताया कि जितेंद्र को बचपन में वॉलीबाल का शौक था लेकिन 17 साल के उम्र में कंधे की चोट की वजह से उसने खेलना बंद कर दिया।
कॉलेज जाने के बाद वह छात्र राजनीति में उसकी दिलचस्पी हो गई थी। श्रद्धानंद कॉलेज में पढ़ने के दौरान उसकी अपनी जिगरी दोस्त ताजपुर गांव निवासी सुनील मान उर्फ टिल्लू से दुश्मनी हो गई। उसके बाद से वह आपराधिक वारदातों को अंजाम देने लगा। वर्ष 2010 में पिता की मौत के बाद से वह हत्या, उगाही जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने लगा।