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गोकुलपुरी अग्निकांड: खौफनाक था आग का मंजूर, फट रहे थे गैस सिलिंडर, चारों ओर मची थी चीख-पुकार....गवाह हैं तस्वीरें

Sun, 13 Mar 2022 03:36 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
गोकुलपुर गांव की झुग्गियों में शुक्रवार देर रात आग लगी तो चारों ओर चीख-पुकार मच गई। चिल्लाते हुए लोग इधर-उधर भागने लगे। देर रात हुए हादसे के समय झुग्गियों में ज्यादातर लोग सोए हुए थे। अचानक हुए शोर-शराबे से उनकी नींद खुली। बाहर निकलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। 
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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
झुग्गियों में आग फैल गई थी। महिलाओं ने जैसे-तैसे सो रहे अपने बच्चों को उठाया। झुग्गियों के बीच बने संकरे रास्तों से वह अपने बच्चों को लेकर किसी तरह बाहर की ओर निकलीं। इस बीच बाहर मौजूद लोगों ने झुग्गियों में मौजूद पानी डालकर आग पर काबू पाने का असफल प्रयास किया। लेकिन देखते ही देखते आग बढ़ती चली गई। 
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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
लोगों को अपना सामान भी निकालने का समय नहीं मिला। स्थानीय लोगों का कहना था कि करीब 15 से 20 मिनट लोगों ने खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन ज्यादातर झुग्गियों में रखे ज्वलनशील पदार्थ ने लोगों की मंशा को कामयाब नहीं होने दिया और आग हावी होती चली गई।

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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
वहां रहने वाले सुनील ने बताया कि यहां मेट्रो पिलर नंबर-12 के पास अमरपाल और मोनू पंडित नामक शख्स के दो प्लॉट हैं। इन प्लॉटों पर अमरपाल और मोनू झुग्गियां बसवाई हुई हैं। यहां रहने वाले गरीब लोगों से किराए के बदले 1200 से 1500 रुपये हर झुग्गी से वसूला जाता है। किराए के बदले यहां पर बिजली भी उपलब्ध कराई जाती है। 
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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार रात करीब 12.30 से 12.40 के बीच अचानक रज्जन की झुग्गी के पास रवि की झुग्गी में पीछे की ओर आग लग गई। आग कैसे लगी इसका पता नहीं चल सका है। कुछ लोगों का कहना है कि बिजली के तारों में हुए शार्ट सर्किट के कारण पहले वहां आग लगी। इसके बाद धीरे-धीरे आग ने दोनों प्लॉट में बसी झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। मरने वाले दोनों परिवारों की झुग्गियां रवि की झुग्गी के बराबर और सामने वाली बताई जा रही है। 
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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
आग लगने के बाद पिंटू अपने बच्चों को लेकर निकल भी गया था। लेकिन उसके दोनों बड़े बच्चे डर की वजह से किरण नामक महिला की झुग्गी में छिपकर फंस गए। इस बीच आग बढ़ गई और पिंटू बच्चों को निकाल भी नहीं सका।
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गोकलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
अफरा-तफरी के बीच 1.10 बजे जब दमकल की गाड़ियां वहां पहुंची तो आग ने 33 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया था। दमकल कर्मियों ने पहले किसी तरह आग को और आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद धीरे-धीरे आग पर काबू पाया गया। आग की वजह से झुग्गियों में रखे छोटे एलपीजी सिलिंडर रह-रहकर फट रहे थे। तड़के आग पर काबू पाने के बाद दमकल कर्मी अंदर गए तो उनको लगभग कोयला बन चुकी सातों लोगों की लाश मिलीं। 
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गोकुलपुरी अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों का कहना था कि आग में उनका सब कुछ जलकर खाक हो गया। न तो उनके पास पहनने के लिए कोई कपड़ा बचा है और न ही खाने को कुछ है। फिलहाल प्रशासन उनके खाने की व्यवस्था कर देगा। लेकिन आगे उन लोगों का क्या होगा किसी को पता नहीं। जिन परिवारों की झुग्गियां आग की चपेट में आई हैं, उनका रोते-रोते बुरा हाल था।
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