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गोकुलपुरी अग्निकांड: 35 झुग्गियों के लिए बना राहत शिविर, दोबारा कैसे बसेगी गृहस्थी...ये सोच कर तड़प उठते हैं लोग

Sun, 13 Mar 2022 03:36 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
गोकुलपुर गांव स्थित झुग्गियां जलकर राख होने से 150 लोगों का परिवार सड़क पर आ गया है। पीड़ित परिवार में छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों के खाने का संकट है। इनमें कई परिवार इतने टूटे चुके हैं कि दोबारा से अपनी गृहस्थी बसाने की चिंता उनके सिर से नहीं उतर रही है। हालांकि, अस्थायी तौर पर दिल्ली सरकार की ओर से पीड़ितों की मदद के लिए राहत शिविर का बंदोबस्त किया गया है। 

इलाके में आग की घटना की सूचना के बाद मौके पर उत्तरपूर्वी जिलाधिकारी गीतिका शर्मा समेत जिला प्रशासन से अन्य अधिकारी भी पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों को देखते ही पीड़ितों का दर्द फूट उठा। किसी ने हाथ जोड़कर तो किसी ने पैर पड़कर अधिकारियों के आगे मदद की गुहार लगाई। इस बीच अधिकारियों ने पीड़ितों को राहत का आश्वासन देते हुए उनकी मदद का बंदोबस्त करना शुरू किया। 

 
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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आसपास स्थित दो प्लॉटों में करीब 33 झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं। इसमें अलग-अलग परिवारों के 150 से अधिक लोग रहते थे। झुग्गी में ही लोग खाना बनाने के साथ सोया करते थे। वहीं, शौचालयों के लिए लोग आसपास अन्य किराये के घरों में बने शौचालयों पर निर्भर थे। हादसे के बाद से पीड़ित लोग सदमें में हैं। वहीं, अपना आशियाना उजड़ने के बाद लोगों के आंसू भी नहीं थम रहे हैं। 

 
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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
मौके पर मौजूद जिलाधिकारी गीतिका शर्मा ने बताया कि राहत की मदद के तौर पर इलाके में ही एक अस्थायी कैंप बनाया गया है। शुरुआती तौर पर 33 झुग्गियां जलने की सूचना है, जिनमें 150 से अधिक परिवार रहता था। ऐसे में पीड़ितों की मदद के लिए मेट्रो स्टेशन के पास 35 झुग्गियों का राहत शिविर बनाया गया है। शिविर में लोगों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।

 

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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
साथ ही दो मोबाइल टॉयलेट वैन भी शिविर के पास मौजूद रहेगी। मौके पर मौजूद प्रशासन स्तर के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जब तक पीड़ितों के रहने का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक प्रशासन पीड़ितों के रहने की व्यवस्था करेगा। इस संबंध में निगम को भी संपर्क किया जा रहा है, जिससे सामुदायिक केंद्र को राहत शिविर में बदला जा सके। 

 
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gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आग बुझाने के लिए देरी से दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंची थी। इस वजह से नुकसान का दायरा बढ़ता गया। स्थानीय निवासी श्याम कली के मुताबिक, आग लगने के कुछ मिनटों में ही दमकल विभाग को फोन कर दिया था। लेकिन, काफी देर तक दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर नहीं थी। इस बीच स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास जारी रखा। हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना था कि कॉल मिलने के कुछ मिनटों में ही दमकल विभाग की टीमें पहुंच गई थी। अधिकारियों ने बताया कि घटना स्थल से सबसे नजदीकी दमकल केंद्र गोकुलपुरी गोलचक्कर है। 
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