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दुष्कर्म व जलाने का मामला: सिर्फ अश्लील वीडियो देखने के लिए स्मार्टफोन रखता था पुजारी, बचने के लिए चिता में फेंक दिया था मोबाइल

Sat, 14 Aug 2021 11:29 AM IST
शाहरुख खान पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुष्कर्म व जलाने का मामला - फोटो : amar ujala
दिल्ली कैंट के पुराने नांगली गांव में नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पंडित राधेश्याम व एक अन्य आरोपी ने बच्ची के साथ हैवानियत की थी। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने बच्ची को मौत के घाट उतार दिया था। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंडित राधेश्याम व एक अन्य आरोपी ने बच्ची के साथ श्मशान घाट में दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म के दौरान इन्होंने बच्ची के मुंह को कड़ाई से दबाए रखा था। इससे बच्ची बेहोश जैसी हो गई थी। ये खुलासा आरोपियों ने दिल्ली पुलिस के अफसरों के सामने पूछताछ में किया है। दो अन्य आरोपियों ने मुख्य आरोपियों का साथ दिया था।  पुलिस के मुताबिक, राधेश्याम का चरित्र ठीक नहीं है और वह पहले भी छेड़छाड़ करता रहा है, लेकिन मामले श्मशान घाट ही रफा-दफा किए जाते रहे, ये मामले पुलिस तक नहीं गए थे।
 
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श्मशान घाट के बाहर तैनात पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल में अश्लील वीडियो रखता था पंडित
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पंडित राधेश्याम तीन मोबाइल फोन रखता था। जिसमें एक एनरॉयड्र फोन भी था। इस फोन में सिम नहीं था। उसे सिर्फ अश्लील वीडियो के लिए इस्तेमाल करता था। वारदात के बाद उसने इस फोन को तोड़कर जलती चिता में फेंक दिया था। आरोपी को डर था कि मोबाइल की वजह से वह पकड़ा जाएगा।
 
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अंतिम संस्कार किया - फोटो : अमर उजाला
चिता से मोबाइल के पाटर्स बरामद किए
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, पंडित राधेश्याम ने मोबाइल को चिता में इस तरह फेंका था कि वह चिता के पास जमीन पर गिरा था। इससे मोबाइल के कुछ पार्ट्स चिता से कुछ दूर चले गए थे। इस कारण ये पार्ट्स जले नहीं थे। अपराध शाखा की फोरेंसिक टीम ने चिता से ये पार्ट्स बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम ने चिता से मोबाइल पार्ट्स मिलने की रिपोर्ट दे दी है। 
 

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जांच करने पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने परिजनों को शव को देखने नहीं दिया था
बच्ची के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी राधेश्याम ने उन्हें बच्ची के शव के पास जाने नहीं दिया और न ही शव को देखने दिया था। आरोपियों ने उन्हें पुलिस का डर दिखाकर डरा-धमका दिया था। परिजनों ने तो भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें रोने भी नहीं दिया था। उन्होंने परिजनों को ये भी कहा था कि घर जाकर वह किसी को बच्ची के बारे में कुछ न बताए। 
 
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श्मशान घाट पर सुरक्षाबल तैनात - फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में नजर आ रही है बच्ची
पुलिस को श्मशान घाट के सामने एक झुग्गीनुमा मकान में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मिली है। इस फुटेज में बच्ची 5.15 बजे श्मशान घाट के अंदर जा रही है। उसके हाथ में पानी की बोतल आदि कुछ नहीं है। आरोपी करीब 6.30 बजे बच्ची की मां को बुलाने गए थे। करीब 10-15 मिनट बाद बच्ची का पिता श्मशान घाट आ गया था। 
 
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श्मशान घाट के बाहर तैनात पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला
हत्या से पहले दुष्कर्म की पुष्टि का साक्ष्य नहीं मिला
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में जानकारी दी कि अभी तक चश्मदीद का बयान, मेडिकल या साइंटिफिक साक्ष्य नहीं मिला है कि जिससे हत्या से पहले बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि हो सके। जांच अधिकारी ने बताया कि चारों आरोपियों के इकबालिया बयान से यह बात सामने आई है कि पंडित राधेश्याम और उसके साथी कुलदीप ने बच्ची से दुष्कर्म किया और उसके बाद हत्या कर दी। 
 
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श्मशान घाट पर पहुंची पुलिस और भीड़ - फोटो : अमर उजाला
अन्य दो आरोपी सलीम अहमद और लक्ष्मी नारायण ने शव को जलाने में मदद की। पॉक्सो मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने जांच अधिकारी के तर्क सुनने के बाद कहा कि जांच एजेंसी खुद सुनिश्चित नहीं है कि पीड़िता के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं? उन्होंने कहा कि हालांकि इस स्तर पर मुआवजे की अनुमति नहीं है। 
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