दिल्ली कैंट के पुराना नांगल गांव में नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी पंडित राधेश्याम ने स्वीकारा कि उसने अपने साथी कुलदीप के साथ मिलकर दुष्कर्म किया और अन्य दो आरोपियों सलीम और लक्ष्मी नारायण ने उनका सहयोग किया। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्हें डर सताने कि कहीं बच्ची भेद न खोल दे, इसके बेहद निर्ममता के साथ उसकी गला दबा हत्या कर दी। वहीं, पुलिस को श्मशान के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मिली हैं, जिनमें दिखाई दे रहा है कि श्मशान के अंदर जा रही है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिक ने बताया कि चारों आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से पर्दा उठा दिया है। पुलिस के मुताबिक, राधेश्याम का चरित्र ठीक नहीं है और वह पहले भी छेड़छाड़ करता रहा है, लेकिन मामले श्मशान घाट ही रफा-दफा किए जाते रहे।
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श्मशान घाट पर सुरक्षाबल तैनात
- फोटो : अमर उजाला
एक अगस्त को जब बच्ची श्मशान में पानी लेने गई तो वहां राधेश्याम व कुलदीप ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपियों ने बच्ची का मुंह दबाए रखा, जिससे वह बेहोश जैसी स्थिति में हो गई।
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जांच करने पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
दो अन्य आरोपियों ने इन दोनों का साथ दिया। अधिकारियों के अनुसार, उनके पास बच्ची के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि नहीं है। इसलिए पोस्टमार्टम संबंधित सुबूत नहीं मिल सके हैं, लेकिन इसके बाद भी उनके पास परिस्थितिजन्य साक्ष्य बहुत हैं।
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दुष्कर्म व जलाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि बच्ची की मां ने बताया कि एक अगस्त को शाम करीब साढ़े पांच बजे बच्ची श्मशान भूमि में लगे वाटर कूलर से ठंडा पानी लेने गई थी। करीब साढ़े छह बजे श्मशान भूमि का पुजारी राधेश्याम ने उसे बुलाया। पुजारी और उसके कर्मचारियों ने बताया कि बच्ची की करंट लगने से मौत हुई है।
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बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
बच्ची के ओठ नीले पड़े थे और हाथ में जलने के निशान थे। बच्ची को देखने के बाद उसकी मां ने पुलिस को फोन करने की कोशिश की, लेकिन पुजारी ने पोस्टमार्टम में अंगों की चोरी होने की बात कहकर परिजनों को डराया और बच्ची का अंतिम संस्कार करवा दिया था।
कांग्रेसियों ने जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के घर पहुंचने पर यह बात इलाके में फैल गई और लोगों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या का आरोप लगाने लगे। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर मामले को आक्रोषित लोगों को शांत करवाया। पुलिस मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्रित करवाया और बच्ची की मां के बयान पर मामला दर्ज किया। घटना के 10वें दिन बच्ची के बचे अंगों का अंतिम संस्कार किया गया।