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दर्दनाक तस्वीरें: हाथ में फोटो लिए दिनभर गिड़गिड़ाता रहे परिजन, मोर्चरी के दरवाजे पर मची चीख-पुकार ने सबको झकझोर दिया

Sun, 15 May 2022 10:52 AM IST
शाहरुख खान किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
तीमारदारों के परिजन कृपया ध्यान दें...मुंडका की इमारत में लगी आग बुझ गई है। यदि आपके परिजन भी घटना में शामिल थे तो कृपया अस्पताल प्रशासन को सूचना दें। संजय गांधी अस्पताल में बार-बार की जा रही यह घोषणा कुछ देर के लिए चुप्पी पैदा कर देती थी, लेकिन इसके अगले पल ही परिजनों की चीख-पुकार खामोशी को तोड़ रही थी। रोते-बिलखते परिजनों के गमजदा चेहरों पर आंसू अपनों की तलाश में मोर्चरी के दरवाजे पर बार-बार बहते और सूखते रहे। मुंडका इलाके की इमारत में लगी में लापता लोगों के परिजन शुक्रवार देर रात से ही अस्पताल में पहुंचना शुरू हो गए थे। शनिवार सुबह तक यहां बड़ी संख्या में परिजनों की  भीड़ पहुंच गई थी। अधिक भीड़ को देखते हुए अस्पताल में वालंटियर व दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। इस बीच अस्पताल प्रशासन की ओर से बार-बार मुंडका इलाके की घटना को लेकर घोषणा की जा रही थी। पीड़ितों के परिजनों के परिजनों के लिए अस्पताल में एक हेल्प डेस्क भी बनाया गया था, जहां घायलों का सूची में नाम जोड़ा जा रहा था।
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
फूट-फूटकर रोते नजर आए पीड़ित
घटना के बाद से गायब अपने परिजनों की तलाश में संजय गांधी अस्पताल में दिनभर परिजन चिलचिलाती धूप में अपनों को ढूंढते रहे। कोई फोन तो कोई हाथों में पासपोर्ट साइज फोटो लेकर पुलिस व अस्पताल प्रशासन के आगे गिड़गिड़ाता रहा। आंखों में आंसू लिए बस एक ही इच्छा थी कि अपने मिल जाए, लेकिन शवों के अधिक जलने के कारण परिजन भी अपने परिवार के लोगों को पहचान नहीं सके। थक हारकर परिजन मोर्चरी के गेट पर ही रोते-बिलखते रहे। इस बीच परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके पड़ोस में रहने वाले लोग भी फूट-फूटकर रोते हुए नजर आए।

 
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
मेरी बेटी पूजा को मुझसे मिला दो
मोर्चरी के पास रो रही मां अपनी बेटी पूजा को तलाश करती दिखी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी इमारत में सीसीटीवी पैक करने का काम करती थी। घटना की जानकारी रात 9 बजे मिली, जिसके बाद अस्पताल की मोर्चरी में ही हूं। मेरी बेटी के आंख के नीचे कट का निशान है।

 

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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
इमारत से कूदी थी बेटी, अभी तक पता नहीं
बिहार के पटना से पहुंची मां सिल्लु देवी भी रोते हुए अपनी बेटी स्वीटी को ढूंढते हुए दिल्ली के अस्पतालों में धक्के खाते हुए संजय गांधी अस्पताल की मोर्चरी में पहुंची, लेकिन उन्हें बेटी का कुछ पता नहीं चला। सिल्लु ने कहा कि उसकी सहेली इमारत का शीशा तोड़कर कूद गई थी, जिसके बाद स्वीटी को कूदने के लिए कहा। बेटी हिम्मत करने के बाद इमारत से कूद गई थी और कमर की चोट से घायल हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही बिहार से दिल्ली पहुंची हूं, लेकिन अब यहां बेटी को लेकर कोई भी जानकारी नहीं दे रहा है। नेता व अधिकारी एक-दूसरे को जवाबदेही बना रहे हैं।

 
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
पहले दिन ही मिला था पहला वेतन...
अजीत तिवारी ने बताया कि उनकी बहन मोनिका को बीते बृहस्पतिवार को ही पहला वेतन मिला था। हमें शाम 5 बजे जानकारी मिली की इमारत में आग लग गई है, लेकिन यह नहीं पता था कि आग मोनिका वाली इमारत में लगी है। जब बहन शाम 7 बजे तक नहीं लौटी तो परिवार ने तलाश शुरू की, लेकिन अभी तक कुछ पता नहीं चला। गोंडा निवासी मोनिका अपने दो भाइयों के साथ आया नगर इलाके में रहती थी।

 
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
बेटे की खातिर मां का बुरा हाल
अपने बेटे की तलाश में राजरानी अन्य पीड़ित परिवार की तरह गुमसुम नजर आई। अस्पताल का एक कोना पकड़कर बैठी मां अपने बेटे से मिलने के लिए बार-बार रोती हुई नजर आई। राजरानी ने कहा कि बेटा नरेंद्र दो साल से फैक्टरी में कैमरे पैक करने का काम करता था। बेटे ने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा था, लेकिन इसके बाद भी बेटे का कुछ पता नहीं चल रहा है। डॉक्टर कह रहे हैं कि डीएनए जांच के बाद ही शवों का शिनाख्त हो सकेगी।

 
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
...कैसे करें तलाश, इकलौती कमाने वाली थी निशा
निशा की माता शनिवार को दिनभर रोते बिलखते हुए अपने बेटी की तस्वीर लिए इधर-उधर भटकती हुई नजर आई। माता मीरा देवी ने बताया कि छह बेटियों व एक बेटे में निशा इकलौती कमाने वाली बेटी थी। आठ घंटे की नौकरी कर घर का खर्च चलाती थी और परिवार की जरूरतें पूरा करती थी। इमारत की आग ने मेरी बेटी को मुझसे अलग कर दिया है। न ही डॉक्टर कुछ बता रहे हैं और न ही पुलिस कुछ कह रही है।

 
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मोहिनी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सालगिरह पर दिया था कड़ा, शिनाख्त में मिली मदद
इमारत में बीते 10 वर्षों से मोहिनी भी काम करती थी। वर्तमान में वह सेल्स मैनेजर के तौर पर काम कर रही थीं। मोहिनी के पड़ोसी आकाश ने बताया कि मोहिनी के पति विजय पाल एक निजी एयरलाइंस में कार्यरत हैं। विजय ने हाल ही में शादी की सालगिरह पर पत्नी को कड़ा दिया था। इसी के आधार पर मोर्चरी में शव की पहचान हो सकी।
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