प्रयागराज के धूमनगंज में माता पिता पत्नी व बहन की सुपारी देकर हत्या कराने वाले आतिश से बेहद ही शायराना अंदाज में वारदात की साजिश रची। प्लानिंग के तहत ही दोपहर में बाहर निकलने से पहले फिर उसने चुपके से हत्यारे को घर के भीतर दाखिल करा दिया था और उसे दुकान के गोदाम में छिपा दिया था सच्चाई सामने आने के बाद पूछताछ में जब उसने प्लानिंग बताई तो इसे सुनकर पुलिस अफसर भी दंग रह गए।
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मृतकों के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में पता चला कि सबसे पहले कारोबारी फिर उनकी पत्नी, बहू और अंत में बेटी की हत्या की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आतिश ने पूछताछ में बताया कि परिवार वाले किसी भी हाल में उसके व उसकी प्रेमिका के रिश्ते के लिए राजी नहीं थे। पत्नी तो विरोध करती ही थी, मां-बाप और बहन भी उसका साथ देते थे। पिता ने खर्च देने पर भी रोक लगा दी थी।
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घटनास्थल पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
परेशान होकर एक दिन उसने दुकान पर काम करने वाले अनुज से बात की, तो उसने परिवार को रास्ते से हटाने की सलाह दी, साथ ही कहा कि आठ लाख रुपये में वह यह काम कर सकता सकता है, उसने इतनी बड़ी रकम अपने पास ना होने की बात कही तो अनुज ने कहा कि कुछ पैसे अभी दे दो बाकी के पैसे काम होने के बाद दे देना।
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इस तरह दोनों के बीच आठ लाख रुपये में चार हत्याओं को अंजाम देने की बात तय हुई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में अनुज ने बताया कि उसके एक साथी को आतिश ने पहले ही घर में दाखिल करा लिया था, कुछ देर बाद मामा राजकृष्ण सामने लेने के बहाने घर के दरवाजे पर गया, दरअसल लाकडाउन के चलते दुकान बंद थी, ऐसे में कारोबारी ग्राहकों को पीछे स्थित घर के दरवाजे से ही समान दे देते थे।
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अनुज ने बताया कि गेट खुलते ही सामान लेने के बहाने राजकृष्ण भीतर दाखिल हो गया। कारोबारी उसे सामान देने लगे तब तक वह भी अंदर पहुंच गया। इसके बाद गोदाम में छिपा उसका साथी भी आ गया और फिर तीनों ने दबोच कर कारोबारी का गला रेत दिया।
पति की चीख सुनकर किरण आई तो चाकू से वार कर उन्हें और फिर चीख सुनकर पहुंची बहू प्रियंका को भी मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद तीनों ऊपर के कमरे में पहुंचे और वहां मौजूद निहारिका की गर्दन चाकू से रेतकर उसकी हत्या कर दी।