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खुरपी-फावड़ा छोड़ा, कारोबार का कारवां जोड़ा: नोएडा में 34 महिलाओं ने शुरू किया खुद का उद्योग, अन्य को जोड़ पेश कर रही सशक्तिकरण की मिसाल

Tue, 08 Mar 2022 02:12 PM IST
kumar गुलशन कुमार नेहा शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क नोएडा

सार

नोएडा में खेतों में मजदूरी, सिलाई और घर में रहकर पाई-पाई जोड़ने वाली कुछ महिलाओं ने अब खुद का कारोबार शुरू कर लिया है। छोटे-छोटे उद्योगों की तरफ बढ़ रही यह महिलाएं नारी सशक्तिकरण का उदाहरण है।
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अपना कारोबार शुरू करने वाली महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
नोएडा में खेतों में मजदूरी, सिलाई और घर में रहकर पाई-पाई जोड़ने वाली कुछ महिलाओं ने अब खुद का कारोबार शुरू कर लिया है। छोटे-छोटे उद्योगों की तरफ बढ़ रही यह महिलाएं नारी सशक्तिकरण का उदाहरण है। सरकारी योजना की मदद से 34 महिलाओं ने खुद का उद्योग शुरू किया है। हर महिला के साथ 10 से 11 अन्य महिलाएं जुड़ी हुई हैं। 

प्रशासन की ओर से दीनदयाल अन्त्योदय योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसमें महिलाओं के समूह बनाए जा रहे हैं। अगर समूह की अध्यक्ष कोई काम शुरू करना चाहती है, तो उसको विभाग की ओर से प्रशिक्षित किया जाता है। विकास भवन से मिली जानकारी के अनुसार, बिसरख ब्लॉक में 404, दादरी में 447 और जेवर में 566 समूह बने हुए हैं। प्रत्येक समूह से 11 से 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
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एलईडी बनाकर दूसरों के घरों को कर रहे रोशन

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एकता स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष की पूजा - फोटो : अमर उजाला
जेवर ब्लॉक की पूजा एकता स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। इन्होंने वर्ष 2020 में एलईडी बल्ब बनाने का काम शुरू किया था। अब बैग बनाना भी शुरू कर दिया है। पूजा ने बताया कि इस काम में 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। समूह में कुछ महिलाएं ऐसी हैं, जो खेतों में काम करती थी। इस काम से जुड़कर वे और बेहतर काम कर रही हैं।
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डिटर्जेंट पाउडर का शुरू किया व्यापार

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लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष संगीता - फोटो : अमर उजाला
बिसरख ब्लॉक निवासी संगीता लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। इन्होंने डिटर्जेंट का काम शुरू किया है। डिटर्जेंट बनाकर वह दुकानों पर सप्लाई कर रही हैं। अब वह कारोबार बढ़ाने के लिए सरकारी योजना की मदद से मशीन खरीदने जा रही हैं। संगीता ने बताया कि डिटर्जेंट के लिए ऑर्डर आ रहे हैं। इस काम से 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उद्योग कारोबार बढ़ाने के लिए सरकार की अन्य योजनाओं की भी मदद ले रहे हैं।

जरी के काम से बना रहीं पहचान

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या मुहम्मद स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सिरीन बेगम - फोटो : अमर उजाला
सिरीन बेगम या मुहम्मद स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। प्रशासन की मदद से इन्होंने अपनी कला को कारोबार का रूप दिया है। जरी का काम करने वाली सिरीन ने बताया कि इस काम में 10 से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। काम मिलता रहे इसके लिए कंपनी से संपर्क किया जाता है। समूह से ऐसी महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं, जो मजदूरी या खेतों में काम करती थीं। हम लोग ज्वेलरी और कपड़ों पर डिजाइन बनाते हैं। समूह से जुड़े हुए 18 महीने हो गए हैं।
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सरकारी दफ्तरों में सप्लाई कर रही फाइल फोल्डर

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जय माता दी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष पूनम - फोटो : अमर उजाला
जय माता दी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष पूनम ने बताया कि प्रशासन की मदद से फाइल फोल्डर बनाने का काम शुरू किया था। शुरुआत में सरकारी दफ्तरों में फाइल बनाकर भेजी थी। उनको मेरा काम पसंद आया और ऑर्डर मिलने शुरू हो गए। इसके लिए प्रशासन की ओर से ट्रेनिंग भी दिलाई गई थी। समूह से पैसा भी लिया था, ताकि अपना काम शुरू कर सकूं।
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