जेएनयु की दीवार
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आजादी, स्वतंत्रता व अधिकारों के प्रति जागरूक करती थीं दीवारें
छात्रसंघ अध्यक्ष व आइसा कार्यकर्ता एनसाई बालाजी कहते हैं कि स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, स्कूल ऑफ सोशल साइंस, स्कूल ऑफ लैंग्वेज और सेंट्रल लाइब्रेरी की दीवारों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के अलावा आजादी, स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति जागरूकता संदेश भी थे। इनके माध्यम से वामपंथी छात्र संगठन प्रशासन और सरकारों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते थे। हालांकि, प्रशासन ने कैंपस को स्वच्छ भारत अभियान का नाम देकर अपनी बात कहने का जरिया भी हटा दिया है। यह सीधे-सीधे दमनकारी नीति है। जेएनयू की पहचान इन दीवारों पर लिखे नारों से थी। इन नारों से कैंपस के स्वच्छता अभियान को कोई खतरा नहीं था।