छात्रों से बर्बरता: पोलैंड बॉर्डर पर आर्मी ने बरसाए लात-घूंसे, यहां से वहां भटक रहे छात्र, पैरों में पड़े छाले
Sat, 05 Mar 2022 11:56 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर
सार
यूक्रेन में फंसे हापुड़ जिले के पांच और छात्र घर पहुंच गए हैं। छात्रों ने वहां हुई बर्बरता की दास्तां सुनाई। उन्होंने बताया कि पोलैंड की आर्मी ने उनके साथ अभद्रता भी की। उन्हें लात-घूंसे भी मारे।
यूक्रेन में फंसे हापुड़ जिले के पांच और छात्रों की घर वापसी हो गई है। तमाम दुश्वारियां झेलते हुए पांचों यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि पहले पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचे थे। वहां दो दिनों तक बॉर्डर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान पोलैंड की आर्मी ने उनके साथ अभद्रता भी की। उन्हें लात-घूंसे भी मारे। इसके बाद हंगरी के रास्ते आए। अभी भी जिले के छह छात्र फंसे हुए हैं। सबसे चिंताजनक हालात खारकीव में फंसे छात्रों की है। शुक्रवार को घर लौटा पीरनगर निवासी अभिषेक मावी अभी भी सहमा हुआ है। वह यूक्रेन के लेलिव शहर में फंसा था। युद्ध छिड़ने के बाद हास्टल के साथियों के साथ पोलैंड बार्डर पर जैसे-तैसे पहुंच गया। वहां भारतीय छात्रों को बॉर्डर पार नहीं करने दिया गया। दो दिन तक केवल चॉकलेट और चिप्स खाकर गुजारा किया। इस दौरान तापमान माइनस पांच डिग्री था। वहां पोलैंड की सेना ने उनको मारा-पीटा भी। एंट्री नहीं मिली तो सभी छात्र दोबारा हॉस्टल लौट आए और हंगरी के रास्ते भारत पहुंचे। गढ़ के गांव नेकनामपुर फुल्ड़ी निवासी आसिफ पुत्र मुस्ताक भी खारकीव से जैसे-तैसे पौलेंड बार्डर पहुंचा। वह भी अभद्रता का शिकार हुआ।
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परिजनों के बीच सैफ अली
- फोटो : अमर उजाला
माइनस पांच डिग्री तापमान में खुले आसमान के नीचे बिताए 24 घंटे
घर पहुंचे गढ़ के सैफ अली ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर माइनस 5 डिग्री तापमान में खुले आसमान के नीचे 24 घंटे बिताने पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद बार्डर पार कर पाए।
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परिजनों के बीच अभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
इस बॉर्डर से उस बॉर्डर भटक रहे छात्र, पैरों में पड़े छाले
अल्लाहबख्शपुर निवासी बिलाल अहमद खारकीव के पास एक आर्मी स्कूल में करीब सात सौ छात्रों के साथ पनाह लिए है। उसने बताया कि लगातार बमबारी हो रही है। हर पल दहशत में गुजर रहा है। इससे पहले छात्र एक बॉर्डर से दूसरे बॉर्डर पर हाथ में भारत का झंडा लेकर भटकते रहे।
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Russia Ukraine War
- फोटो : अमर उजाला
आसपास ब्लास्ट होने के बाद ग्रुप में भगदड़ मच जाती थी। ग्रुप में शामिल छात्राओं के पैरों में छाले पड़ चुके हैं और उनका बुरा हाल है। कई छात्राएं हिम्मत हार चुकी हैं। आने का फिलहाल कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। बिलाल अहमद के अलावा विकास चौहान पुत्र जयवीर सिंह निवासी सदरपुर बहदुरगढ़, अजीत सिंह पुत्र विनोद सिंह निवासी पलवाड़ा बहादुरगढ़ अभी यूक्रेन में फंसे हैं। जिले से करीब छह छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। परिजन उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
शिवम को देख परिजनों की आंखें हुईं नम
शाहपुर फगौता निवासी दिनेश शर्मा का पुत्र शिवम शर्मा सकुशल घर पहुंचा तो परिजनों की आंखें नम हो गईं। शिवम ने बताया कि यूक्रेन में अभी भी कुछ भारतीय फंसे हुए है। वह 26 फरवरी से वहां से निकला था। 36 घंटे धक्का-मुक्की करने के बाद ही रोमानिया में दाखिल हो पाया था। बृहस्पतिवार रात भारत पहुंचा।