जौनी : बीए पास जौनी कॉल सेंटर संचालक है। इसने ढाई महीने पहले आरडीसी में कॉल सेंटर शुरू किया।
हिमांशु शेखर : 12वीं पास हिमांशु शेखर बिहार के लोगों की आईडी पर सिम खरीदकर लाता था। साथ ही अपने पते बदल-बदलकर बैंक खाते खुलवाता था।
संदीप गुप्ता : 12वीं पास संदीप गुप्ता फर्जी बैंक खातों के एटीएम, नेट बैंकिंग का लॉगिन अपने पास रखता था और पैसे ट्रांसफर करने का काम करता था।
बीमा कंपनियों के अधिकारी बनकर लोगों से करते थे ठगी
साइबर सेल के प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि आरोपी लोगों को फर्जी आईडी के सिम से फोन करते थे। वह खुद को लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी बनकर लोगों को पॉलिसी व लोन दिलाने का झांसा देते थे। जो लोग इनके झांसे में आ जाते, उनसे फर्जी पतों के खातों में रकम ट्रांसफर करा लेते थे। एक साथ कई लोगों को चूना लगाने के बाद वह मोबाइल बंद कर लेते थे, इससे उनकी लोकेशन मिलनी बंद हो जाती थी।
अब तक 13 बैंक खाते आए सामने
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में ढाई महीने के अंदर एक करोड़ से अधिक की ठगी की बात कबूल की है। बरामद पासबुक, एटीएम कार्ड के आधार पर आरोपियों के 13 बैंक खाते ट्रेस हुए हैं। संबंधित बैंकों से खातों की डिटेल मांगी जा रही है। खातों की स्टेटमेंट मिलने पर ठगी की रकम का सही आंकलन हो सकेगा। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर मंगाई गई है।
ठगी के आरोप में जीजा-साले को जेल भेज चुकी है अलीगढ़ पुलिस
साइबर सेल प्रभारी के मुताबिक हिमांशु शेखर और उसका जीजा संदीप गुप्ता ठगी के धंधे से काफी समय से जुड़े हैं। अलीगढ़ पुलिस ने सात मई को दोनों जीजा-साले को ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के बाद वह जौनी के संपर्क में आए और लोगों को ठगने का सिलसिला जारी रखा।