निकिता हत्याकांड की चार्जशीट फाइल करने फरीदाबाद कोर्ट पहुंची एसआईटी
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सबसे पहले आरोपियों को देशी पिस्तौल उपलब्ध कराने वाले अजहरुदीन को बरी कर दिया गया। साथ ही उससे सीआरपीसी की धारा 346 के तहत बेल बॉन्ड भरवाया गया। मामले में बरी होने के बावजूद यदि अभियोजन पक्ष की तरफ से उच्च न्यायालय में अपील होती है तो अजहरुदीन को भी मौजूद रहना होगा। इसके बाद तौसीफ को धारा 302, 366, 511,34, 120 बी व आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया साथ ही रेहान को आर्म्स एक्ट के अलावा सभी मामलों में दोषी बनाया गया। इस पूरे प्रकरण में मात्र 12 मिनट का ही वक्त लगा।