फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच माह बाद निकिता को इंसाफ : 57 गवाह और 700 पन्नों की चार्जशीट ने तौसीफ को साबित किया हत्यारा, काम न आया राजनीतिक रसूख

Thu, 25 Mar 2021 10:10 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
विज्ञापन
1 of 5
nikita murder case - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में बुधवार को फैसला आ गया। जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पांच माह में पूरा होने वाला यह पहला मामला है, इसकी पुष्टि निकिता के मामा एडवोकेट एदल सिंह रावत ने की है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद 6 नबंवर से लगातार सुनवाई चली। आगे पढ़ें किन सबूतों और गवाहों ने तौसीफ को साबित किया हत्यारा...
विज्ञापन

2 of 5
निकिता तोमर केस की जानकारी देते वकील - फोटो : अमर उजाला
57 गवाहों के दर्ज हुए बयान
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग आक्रोश में थे। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली। निकिता को 26 अक्तूबर को गोली मार दी गई थी। वारदात को 26 मार्च को पूरे पांच माह पूरे हो जाएंगे। न्यायाधीश सरताज बसवाना मामले में 26 मार्च को ही फैसला सुनाएंगे। लागातार सुनवाई में 57 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसमें घटना के चश्मदीद निकिता के चचेरे भाई तरुण तोमर और सहेली निकिता शर्मा भी शामिल थी।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
सोहना रोड स्थित अपना घर सोसायटी निवासी निकिता तोमर अग्रवाल कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी। 26 अक्तूबर 2020 को हत्या की वारदात कॉलेज बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। इसके बाद मामले में लगातार फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग उठी थी। 
विज्ञापन

3 of 5
कोर्ट के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
तौसीफ शादी का बना रहा था दबाव
परिवार की तरफ से यह भी बताया गया था कि तौसीफ निकिता पर शादी का दबाव बना रहा था। वह निकिता से जबरदस्ती दोस्ती भी करना चाहता था। दोषी ने साल 2018 में भी निकिता का अपहरण कर निकिता पर शादी का दबाव बनाया था । उस समय निकिता के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों परिवारों के समझौते के बाद केस वापस हो गया था। उसके बाद भी तौसीफ ने निकिता को परेशान करना नहीं छोड़ा था।

4 of 5
कोर्ट में मौजूद भीड़ - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी टीम ने 11 दिन में पेश की थी चार्जशीट
लोगों में आक्रोश को देखते हुए गृहमंत्री अनिल विज ने इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी की टीम ने पांच घंटे के अंदर मुख्य हत्यारोपी तौसीफ को सोहना से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी रेहान और हथियार उपलब्ध कराने वाले अजहरुद्दीन को भी पुलिस ने पकड़ा। इसमें एसआईटी ने सभी तथ्यों को एकत्रित करके महज 11 दिन में ही 700 पेज की चार्जशीट तैयार करके छह नवंबर को कोर्ट में दाखिल कर दी। चार्जशीट में निकिता की सहेली समेत कुल 60 गवाह बनाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
nikita murder case - फोटो : अमर उजाला
राजनीतिक परिवार से संबंध रखता है तौसीफ 
मुख्य दोषी तौसीफ राजनीतिक परिवार से संबंध रखता है। तौसीफ के दादा कबीर अहमद विधायक रह चुके हैं। तौसीफ का चचेरा भाई आफताब अहमद मेवात जिले की नूंह सीट से कांग्रेस विधायक है। आफताब अहमद के पिता खुर्शीद अहमद हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। तौसिफ के सगे चाचा जावेद अहमद इस बार सोहना विधानसभा से बसपा की टिकट पर चुनाव लड़े और हार गए। 21 वर्षीय तौसीफ फिजियोथेरेपी का कोर्स कर रहा था। वारदात में शामिल दूसरा आरोपी रेहान रेवासन जिला नूंह का रहने वाला है और वह तौसीफ का दोस्त है। घटना के समय गाड़ी वही चला रहा था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें