भारत में सरकारी टीचर की नौकरी एक बड़े वर्ग का सपना होता है। हालांकि इसे पाने के लिए बीते कई सालों से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देनी होती है। अब तक अगर आप इसमें पास हो जाते थे तो आपके पास होने का सर्टिफिकेट सात सालों तक मान्य होता था, लेकिन केंद्र सरकार ने जो नया फैसला लिया है उससे सरकारी शिक्षक बनने की राह और भी आसान हो जाएगी। दिवाली से पहले इस तरह का फैसला एक तरह से दिवाली के तोहफे जैसा है। जानिए टीईटी की परीक्षा में ऐसा क्या बदलाव हुआ है जो भविष्य के अध्यापकों के लिए नई सौगात है....
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को उम्रभर के लिए मान्य कर दिया है। अब तक टीईटी पास करने पर उम्मीदवार सात वर्ष तक नौकरी के लिए पात्र होता था। इसके बाद उसे शिक्षक बनने के लिए दोबारा परीक्षा देनी पड़ती थी।
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नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) द्वारा नियमों में किया गया बदलाव केंद्र के साथ ही राज्यों में भी लागू होगा। केंद्र और राज्य एनसीटीई नियमों से टीईटी करवाते हैं। केंद्र सरकार के लिए सीबीएसई और राज्य अपनी परीक्षा खुद करवाते हैं।
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नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की पिछले दिनों हुई बैठक में टीईटी के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है। अब तक एक बार परीक्षा पास करने से सर्टिफिकेट के आधार पर सात साल के अंदर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते थे।
अब नए नियम के तहत एक बार परीक्षा पास करने पर उम्रभर के लिए पात्रता मिलेगी। सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को होगा। दरअसल, शादी और बच्चों के चलते वे नौकरी छोड़ देती थीं। अब दोबारा आसानी से नौकरी पा सकेंगी।