गंदगी से पटी हैं देहरादून की नदियां
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हमारी नदियां केवल नदी मात्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत की संवाहिकाएं हैं। लेकिन नदियों के लगातार दोहन से इनकी निर्मलता और अविरलता प्रभावित हो रही है। नदी तट पर विकसित हुई आधुनिक मानव सभ्यता हमारी नदियों के पर्यावरण को प्रभावित कर रही है। जो वर्तमान ही नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अच्छा नहीं है। भारत सरकार की नई शिक्षा नीति में नदी सभ्यता को शामिल किया गया है। उम्मीद है आने वाली पीढ़ियां इससे नदियों के संरक्षण की दिशा में काम करने को बल मिलेगा।
- विनोद जुगलान, पर्यावरणविद, प्रांत पर्यावरण प्रमुख शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास