वीरान हो रहे उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ों पर ये जड़ी 'धनवर्षा' कराने से कारगर साबित होगी। पहाड़ी क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में हो रहे पलायन के बीच वैद्य बालेंदु ने इसे रोकने को कारगर कदम उठाया है।
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वीरान हो रहे उत्तराखंड के पहाड़ों पर 'धनवर्षा' करेगी ये जड़ी
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Vaidya Balendu plant rare herbs in tehri
बालेंदु ने टिहरी में अनुकूल मौसम तलाशकर गंगी गांव में चार दुर्लभ जड़ी बूटियों की नर्सरी तैयार कर दी है। इससे किसानों को हर साल लाखों रुपये की आमदनी होगी।
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वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बताया कि उन्होंने टिहरी के कई इलाकों का भ्रमण करने के बाद दुर्लभ जड़ी बूटियों के हिसाब से टिहरी के गंगी गांव को अनुकूल पाया। यहां उन्होंने करीब एक महीने पहले जड़ी लगाई थी। किसानों को सपोर्ट किया तो उन्होंने अपनी जमीन में चिरायता, कूट, अतीश और कुटकी का बीज बोया। अब इनसे अच्छे पौधे निकलने शुरू हो गए हैं।
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वैद्य बालेंदु के मुताबिक वह अपने खर्च पर इस मुहिम को चला रहे हैं। इससे आयुर्वेद प्रदेश को न केवल अलग पहचान मिलेगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए कमाई के रास्ते भी खुल जाएंगे। जड़ी तैयार होने के बाद इन किसानों को लाखों रुपये देगी।
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वह खुद इसके लिए मार्केट भी तैयार कर रहे हैं। गांव से जड़ी बूटी लेकर इसे बाजार तक लेकर जाएंगे। इसके अलावा वह तजर जड़ी बूटी की नर्सरी एक किसान की सहायता से जल्द ही एक नाली जमीन में धनोल्टी में शुरू करने जा रहे हैं।
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बकौल, वैद्य बालेंदु पहाड़ को पलायन के दर्द से बचाने के लिए इससे बेहतर रास्ता कोई नहीं हो सकता। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे अवसर पैदा करे, ताकि रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े।