फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरंग पर निगाहें: तस्वीरें कह रहीं...कब मिटेंगी दूरियां, 41 जिंदगियां आजाद होने को बेकरार, अच्छी खबर का इंतजार

Fri, 24 Nov 2023 11:49 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
सुरंग के बाहर परेशान परिजन। - फोटो : amar ujala

उत्तरकाशी सिलक्यारा सुरंग में फंसी 41 जिंदगियां कैद से आजाद होने को बेकरार हैं। हर कोई अच्छी खबर का इंतजार कर रहा है। मजदूरों को बाहर निकालने का उत्साह गुरुवार को दिनभर उतार चढ़ाव लेता रहा। सूरज चढ़ता गया और अड़चनों की वजह से मजदूरों के बाहर आने का इंतजार बढ़ता रहा।

आज शुक्रवार शाम तक मजदूरों के बाहर आने की उम्मीद है। ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया। वहीं सुरंग के बाहर परिजन बेसब्री से अपनों के निकालने का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार की रात को चले अभियान की रफ्तार से ये उम्मीद जताई जा रही थी कि बृहस्पतिवार की सुबह तक सभी 41 मजदूर सकुशल बाहर आ जाएंगे, लेकिन रात को अमेरिकन ऑगर ड्रिल मशीन की राह में लोहे के सरिये व गाटर आ गए जो टनल के भीतर के स्ट्रक्चर के लिए लगाए गए थे।



इससे मशीन का पुर्जा भी टूट गया। मशीन रोकनी पड़ी। इसके बाद एनडीआरएफ के जवान ने करीब 40 मीटर तक पहुंचे 800 मिमी पाइप के भीतर घुसकर रुकावट को देखा। उन्होंने इसे काटने की सलाह दी, जिसके लिए गैस कटर मंगाया गया। भीतर ऑक्सीजन कम होती है। गैस कटर चलाने पर ये और कम हो जाती है। लिहाजा, पहली टीम जब इसे काटने के लिए पहुंची तो वह सफल नहीं हो पाई।

विज्ञापन

2 of 5
सुरंग के बाहर परेशान परिजन - फोटो : amar ujala

इसके बाद दूसरी टीम भीतर गई, जिसे कई घंटे की मशक्कत के बाद इसे काट दिया। सुबह दोबारा ड्रिल मशीन शुरू कर दी गई। नौवां पाइप भीतर भेजना शुरू किया गया।

विज्ञापन

3 of 5
सुरंग के अंदर फंसे लोगों को जानकारी परिजनों को देता श्रमिक। - फोटो : amar ujala

करीब 1.8 मीटर पाइप पहुंचा ही था कि मशीन में फिर तेज कंपन्न होने लगी। सामने फिर सरिये की चुनौती पेश आई, जिसे देर शाम तक काटा गया। मजदूरों को पाइप उनके पास तक पहुंचने और बचाव दलों को मजदूरों के बाहर आने का इंतजार था। देर रात तक बचाव अभियान जारी था।

4 of 5
सुरंग में मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश जारी। - फोटो : amar ujala

उम्मीद है कि आज शाम तक श्रमिकों और परिजनों का इंतजार खत्म हो जाएगा। वहीं उत्तरकाशी सुरंग बचाव पर पीएमओ के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने कहा कि अभी स्थिति काफी ठीक है। कल रात हमें दो चीज़ों पर काम करना था।

ये भी पढ़ें...Uttarkashi Tunnel:  एस्केप पैसेज बनाया होता तो अंदर नहीं फंसते मजदूर, इन कार्यों की अनदेखी ने खड़ा किया संकट

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सुरंग - फोटो : amar ujala
पीएमओ के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने कहा कि सबसे पहले, हमें मशीन के प्लेटफॉर्म का पुनर्गठन कर दिया और इसके बाद पाइप पर जो थोड़ा दबाव था उसे काटने का काम चल रहा है। ये पूरा हो जाने के बाद हमने ऑगर ड्रिलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्सन्स कंपनी ने ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार से जो अध्ययन किया है उसे हमें पता चला कि अगले 5 मीटर तक कोई धातु अवरोध नहीं है। इस हिसाब से अगर ड्रिल मशीन ठीक चली तो पाइप सुरंग में फंसे मजदूरों के बेहद करीब पहुंच जाएगा। शाम तक उनके बाहर आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें