बारिश के बाद उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की सड़कें जोखिम भरी हो जाती हैं। तीन दिन लगातार हुई बारिश के कारण शनिवार को टनकपुर-तवाघाट एनएच पर चुपकोट बैंड के पास भारी मलबा आने से सड़क बंद हो गई। इससे तीन सौ से ज्यादा छोटे बड़े वाहन फंस गए। बारिश के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। इधर भारतोली के पास सड़क के बंद होने से सीमांत जनपद पिथौरागढ़ को आने वाले वाहन हल्द्वानी-अल्मोड़ा सड़क से सीमांत जनपद को आ रहे हैं, लेकिन चुपकोट के पास सड़क बंद होने के कारण वह पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाए। शनिवार को सड़क के 18 घंटे बंद होने के कारण सैकड़ों लोग भूखे प्यासे फंसे रहे। सर्वाधिक दिक्कतें बुजुर्गों और बच्चों को हुई। सड़क के बंद होने से जिला मुख्यालय को रसोई गैस, दूध, सब्जी के वाहन समय से नहीं पहुंच पाए। इस दौरान बेड़ीनाग से पिथौरागढ़ रेफर किए गए कोरोना मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस मलबा आने से घंटों फंसी रही। कोरोना मरीज की स्थिति को देखते हुए 108 कर्मियों ने जिला मुख्यालय से दूसरी एंबुलेंस बुलाकर मरीज को पहाड़ी से गिरते बोल्डर के बीच स्ट्रेचर से बांधकर कीचड़ और मलबे से गुजरते हुए दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट कराया।