सुंदरलाल बहुगुणा
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तवाघाट और कुमाऊं विवि के तमाम कार्यक्रमों में बहुगुणा के निकट सहयोगी रहे इतिहासविद प्रो. अजय रावत बताते हैं कि विनोबा भावे से प्रेरणा लेकर उन्होंने 1960 से पूरे उत्तराखंड की पांच हजार किलोमीटर की यात्रा की। 1970 के दशक में गढ़वाल में नंदा देवी बायो रिजर्व बनाने, भारत तिब्बत व्यापार प्रभावित होने, स्थानीय लोगों को वन संपदा का लाभ न देने, इलाहाबाद की स्पोर्ट्स कंपनी खेल सामग्री के निर्माण के लिए भारी तादाद में अंगू के पेड़ काटने का ठेका दे देने से लोग उद्वेलित थे।