रामनगर कॉलेज में छात्रनेताओं के आत्मदाह के प्रयास को दो दिन नहीं बीते थे कि अब एमबीपीजी कॉलेज में बवाल हो गया। प्रवेश की मांग को लेकर छात्रनेताओं ने पहले प्राचार्य कक्ष में घुसकर हंगामा किया फिर चार छात्र छत पर चढ़ गए और मिट्टी तेल व पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास करने लगे। इससे परिसर में हड़कंप मच गया। किसी तरह पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा और छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष सहित दो छात्रों को हिरासत में ले लिया गया। बाद में हंगामा कर रहे छात्रों को पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ा।
विज्ञापन
2 of 6
mpdg college
सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम और सीओ भी पहुंच गए। पुलिस ने पांच छात्रनेताओं के खिलाफ नामजद और 50-60 अन्य पर बवाल, सरकारी काम में बाधा सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रवेश की समस्या को लेकर बृहस्पतिवार को प्राचार्य कक्ष के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य धरना दे रहे थे। इस बीच छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष रोहित कुमार के साथ ऋषभ भारती, हर्षित समर्थकों के साथ प्राचार्य कक्ष में घुस गए।
विज्ञापन
3 of 6
mpdg college
उनकी प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद से कहासुनी होने लगी। प्राचार्य ने 15 मिनट इंतजार करने के लिए कहा तो सभी छात्रनेता नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। इस बीच प्राचार्य कक्ष की छत पर चढ़कर पूर्व उपाध्यक्ष रोहित कुमार, ऋषभ भारती और हर्षित जोशी ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया और आत्मदाह की धमकी देने लगे।
4 of 6
PMDG COLLEGE
छात्रनेता मीमांसा भी उनका साथ देने लगी। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी नंदन सिंह रावत मौके पर पहुंचे तो छात्रनेता हंगामा करने लगे। इस बीच छात्रनेता मीमांसा आर्या ने छात्राओं सहित कई लोगों के ऊपर पेट्रोल छिड़क दी। पेट्रोल चौकी प्रभारी की वर्दी पर भी पड़ा। पुलिस फोर्स ने किसी प्रकार रोहित कुमार और ऋषभ भारती को हिरासत में ले लिया। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एसडीएम एपी बाजपेई, सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल कॉलेज में पहुंचे।
विज्ञापन
5 of 6
student
उन्होंने कॉलेज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्राचार्य से बातचीत की। प्राचार्य का कहना था कि कुछ लोगों के बवाल करने से कॉलेज बंद करने की घोषणा करनी पड़ी है। प्राचार्य की तहरीर पर पुलिस ने रोहित कुमार, हर्षित जोशी, रोहित रावत, ऋषभ भारती और मीमांसा आर्या के खिलाफ नामजद और अन्य 50-60 के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली में हिरासत के दौरान रोहित कुमार की हालत बिगड़ गई। परिजनों के अनुरोध पर कोतवाली पुलिस ने इलाज कराने के लिए उसे छोड़ दिया। परिजनों ने बेस अस्पताल में इलाज कराने के बाद उसे एसटीएच में भर्ती कराया है। पुलिस ने एक छात्रनेता की तबियत खराब होने पर दूसरे छात्रनेता को भी छोड़ दिया।