प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिश्ता उत्तराखंड से काफी पुराना है। 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी मसीहा बनकर उतरे थे। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उत्तराखंड में आपदा प्रभावितों के लिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। आपदा के दौरान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पीएम मोदी ने ही रखा था। हालांकि मोदी के द्वारा दिए गए पुननिर्माण के प्रस्ताव को उस समय की कांग्रेस सरकार ने स्वीकार नहीं किया था। उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया था। मोदी ने संकट के वक्त पर्यटकों और श्रद्धालुओं की मदद के लिए उत्तराखंड के लोगों की भरपूर सराहना भी की थी। क़ुदरत का कहर झेल रहे केदारनाथ धाम में उस वक्त उन्होंने फंसे 15000 गुजरातियों को केवल एक दिन में सुरक्षित निकाल लिया था। तब हैदराबाद में आयोजित एक रैली में भी मोदी ने उत्तराखंड के दैवीय आपदा पीड़ितों की मदद के लिए पांच रुपए का टिकट लगाकर धनराशि एकत्र करने के लिए जनता से अपील भी की थी।