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हरिद्वार: पूर्णिमा के श्राद्ध के साथ पितृपक्ष शुरू, लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर किया पितरों का पूजन, तस्वीरें

Mon, 20 Sep 2021 03:09 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार में गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
पूर्णिमा के श्राद्ध के साथ ही सोमवार से पितृपक्ष शुरू हो गए हैं। हरिद्वार के गंगा घाटों पर लोगों ने स्नान किया और पितरों का पूजन किया। श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों की आत्मशांति के लिए 16 दिनों तक नियम पूर्वक कार्य करने का विधान है। आचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष का आरंभ होता है।

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पितृ पक्ष में पितरों को याद किया जाता है, उनकी आत्म तृप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर्म आदि किए जाते हैं। वायु पुराण, मत्स्य पुराण, गरुड़ पुराण और विष्णु पुराण समेत अन्य शास्त्रों में भी श्राद्ध के महत्व के बारे में बताया गया है।



पितरों की आत्म तृप्ति से व्यक्ति पर पितृ दोष नहीं लगता है। पितृ पक्ष का प्रारंभ 20 सितंबर से हो रहा है और समापन 6 अक्तूबर को होगा।
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हरिद्वार में गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
पितृ पक्ष में पूर्णिमा श्राद्ध, महाभरणी श्राद्ध और सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व है। ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने से पहले मनुष्य को अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहिए।
 
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हरिद्वार में गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष के अनुसार भी पितृ दोष को सबसे जटिल कुंडली दोषों में से एक माना जाता है। पितरों की शांति के लिए हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक के काल को पितृ पक्ष श्राद्ध होते हैं।
 

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हरिद्वार में गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि इस दौरान कुछ समय के लिए यमराज पितरों को आजाद कर देते हैं ताकि वह अपने परिजनों से श्राद्ध ग्रहण कर सकें। जिस तिथि को जिसका निधन हुआ हो उसी दिन श्राद्ध किया जाता है। यदि किसी की मृत्यु प्रतिपदा को हुई है तो उसी तिथि के दिन श्रद्धा किया जाना चाहिए।
 
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हरिद्वार में गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
यदि निधन का दिन नहीं मालूम हो तो पिता का श्राद्ध अष्टमी और मां का नवमी पर किया जाना चाहिए। जिनकी मृत्यु हादसे, आत्मघात या अचानक हुई हो, उनके लिए चतुदर्शी का दिन होता है। साधु-संन्यासियों का श्राद्ध द्वादशी पर होता है। जिनके बारे कुछ मालूम नहीं, उनका श्राद्ध अंतिम दिन अमावस पर किया जाता है।
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