अनुष्ठान करते पंडित
पंडित जी घर या व्यवसायिक प्रतिष्ठान में प्रतिदिन या साप्ताहिक धूप-बत्ती करते हैं। इसके अलावा गणेश वंदना से लेकर भगवती या शंकर भगवान की आरती करते हैं। संस्कृत के श्लोकों का उच्चारण भी किया जाता है। बकायदा शंखनाद भी पंडित जी करेंगे।अध्यात्मिक नगरी हरिद्वार में पूजा अर्चना से जुड़ी चीजों का विस्तृत बाजार है। शंख, पूजन सामग्री से लेकर दीप, थाल, ईष्टों के वस्त, मूर्तियां धातु और पत्थर, पूजा पात्र अलग अलग वैरायटी में उपलब्ध है।