इतिहास से जुड़ी चीजों को संजोना मसूरी के इतिहासकार गोपाल भारद्वार के पुर्खों की रीति रही है। वहीं, उनके पूर्वजों के बाद अब उनके पास भी भगवान राम से जुड़ी कई अनमोल चीजों का संकलन है। उन्होंने सरकार से इन चीजों को संरक्षित करने की मांग की है।
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- फोटो : अमर उजाला
इतिहासकार गोपाल भारद्वाज का दावा है कि उनके पास तुलसीदास के समय की एक हस्तलिखित पंचाग है। इसके साथ ही भगवान श्रीराम की तीन सौ साल पुरानी जन्मपत्री है। पंचाग और कुंडली दोनों ही पांडु लिपि में लिखी गई है।
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वहीं 1683 का एक सिक्का भी उनके पास मौजूद है। भारद्वाज ने कहा पांच अगस्त का दिन सम्पूर्ण विश्व में हमेशा के लिये याद रखा जाएगा। राम मंदिर का निर्माण होने से लोगों में सकारात्मकता का संचार होगा और नई उर्जा पैदा होगी।
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उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज विगत चार-पांच सौ सालों से ज्योतिष का कार्य कर रहे थे। उनके पिता ऋषि भारद्वाज ने भी यह कार्य किया। जिनके पास उस समय का लिखा गया पंचाग था जब तुलसी दास राम चरित्र मानस लिख रहे थे। कहा की मैंने आज भी उनकी इन स्मृतियों को संरक्षित रखा है।
वहीं सिक्के में एक ओर राम वनवास को जाते समय दिख रहे हैं तो दूसरी ओर राम दरबार है। यह राजस्थान के एक राजा ने बनवाया था। उन्होंने कहा कि यह हमारी हिंदू संस्कृति की धरोहर है। जिसको संरक्षित किये जाने के लिये ठोस कदम उठाने की जरूरत है।