करवाचौथ पर सुहागिनों ने पति की दीर्घायु एवं कुशलता के लिए निर्जला व्रत रखा। सुबह घरों पर शिव-पार्वती व गणेश भगवान की पूजा की। कई महिलाएं व दंपति शाम को मंदिरों में भी पूजा करने पहुंचे। शाम को घरों में कई तरह के पकवान बनाए गए। रात लगभग साढ़े आठ बजे चंद्रमा के दर्शन हुए तो अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। इस दौरान उन्होंने जीवनसाथी को सरप्राइज गिफ्ट भी दिए।