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हरियाली अमावस्या 2021: हरिद्वार में जबरदस्त भीड़, कुंभ के बाद आए स्नान पर्वों में अब तक सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, तस्वीरें

Sun, 08 Aug 2021 03:42 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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अमावस्या पर हरिद्वार में स्नान के लिए भीड़ - फोटो : अमर उजाला
हरियाली अमावस्या के मौके पर तीर्थनगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी गंगा घाट पर जबरदस्त भीड़ पहुंची। रविवार को स्नान पर्व के मौके पर तड़के से ही गंगा में पावन डुबकी लगाने का दौर शुरू हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुंभ के समापन के बाद हुए स्नान पर्वों में अब तक सबसे ज्यादा भीड़ रविवार को दिखाई दी। सावन का महीना धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मास है। इसी माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को हरियाली अमावस्या का पर्व मनाया जाता है। इस बार हरियाली अमावस्या 8 अगस्त यानी आज रविवार को है। सावन मास में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या या श्रावणी अमावस्या कहते हैं। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष तिथि के रूप में देख जाता है। अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त पिंडदान एवं दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं। हरियाली अमावस्या पर्व जीवन में पर्यावरण के महत्व को भी बताता है। इस दिन नए पौधे लगाए जाते हैं।
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अमावस्या पर हरिद्वार में स्नान के लिए भीड़ - फोटो : अमर उजाला
हिंदू धर्म में मान्यता है कि श्रावणी अमावस्या के दिन वृक्षारोपण करने से जीवन के सारे कष्ट दोष दूर हो जाते हैं और सुख-समद्धि का आगमन होता है।
 
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अमावस्या पर हरिद्वार में स्नान के लिए भीड़ - फोटो : अमर उजाला
यह तिथि किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन किसान अपने खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं और ईश्वर से अच्छी फसल होने की कामना करते हैं।

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अमावस्या पर हरिद्वार में स्नान के लिए भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सावन में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली हो जाती है। श्रावण अमावस्या पर पेड़-पौधों को नया जीवन मिलता है और इनकी वजह से ही मानव जीवन सुरक्षित रहता है। इसलिए प्राकृतिक दृष्टिकोण से भी हरियाली अमावस्या का बहुत महत्व है।
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अमावस्या पर हरिद्वार में स्नान के लिए भीड़ - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रों पुराणों में कहा गया है कि इस दिन वृक्ष रोपड़ करने से पितृ दोष, ग्रह दोष समाप्त होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। हरियाली अमावस्या के दिन पीपल, बरगद, बेल, नीम, आमा, आंवला आदि के पेड़ लगाने चाहिए। 
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