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बंबई नहीं उत्तराखंड में चली थी भारत की पहली रेल, आज भी चलता है इसका इंजन

Fri, 23 Dec 2016 01:46 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
हम यही पढ़ते और जानते आए हैं कि भारत की पहली रेल बंबई (वर्तमान मुंबई) और थाणे के बीच 1853 में चली थी। लेकिन यह सही नहीं है, भारत की पहली रेल इससे दो साल पहले ही चल चुकी थी।
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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
जी हां, भारत की पहली रेल बंबई और थाणे के बीच रेल शुरू होने से दो साल पहले यानि कि 1851 में ही चलाई गई थी। इसके प्रमाण आज भी रुड़की में रखे हुए हैं। इसका इंजन आज प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को चलाया जाता है।
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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
ब्रिटिश काल में भारत की पहली रेलवे लाइन रुड़की से पिरान कलियर के बीच बनाई गई थी। पहली बार इसी रेल ट्रैक पर भाप का इंजन दौड़ा था। इसका नाम तत्कालीन गवर्नर के नाम पर रखा गया जिसे बाद में बदलकर मशहूर गायिका जे‌नी के नाम पर कर दिया गया।

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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
1837-38 में उत्तर-पश्चिमी प्रांत अब उत्तर प्रदेश में भारी सूखा पड़ा। ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों ने इस समस्या से राहत पाने के लिए गंगा से नहर बनाने की तैयारी शुरू की।
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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
लेकिन बीच में पड़ने वाली सोनाली नदी के ऊपर से नहर निकालना बड़ी समस्या थी। इसके लिए ब्रिटिश इंजीनियरों ने सोनाली एक्वाडक्ट (जलसेतु) बनाकर नहर को नदी के ऊपर से गुजारने की योजना बनाई।
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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
पुल निर्माण के लिए खुदाई करनी थी और इसमें काफी मात्रा में मलबा निकलना था। जिसे कलियर में डालने की योजना बनाई गई। इस मलबे को लाने के लिए रेलवे लाइन बिछाई गई।
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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
इस लाइन पर चलाने के लिए जो वैगन लाई गई उसका नाम प्रांत के तत्कालीन गवर्नर थॉमसन के नाम पर रखा गया। बाद में मशहूर गायिका के नाम पर इसका नाम जेनी लिंड रख दिया गया।
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first rail track roorkee - फोटो : AmarUjala
इस तरह भारत की रुड़की और पिरान कलियर के बीच भारत की पहली रेल चली। हालांकि इसका सार्वजनिक क्षेत्र में उपयोग न होने के कारण देश की पहली रेलवे बंबई से थाणे को ही माना जाता है।
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