केदारनाथ धाम का रास्ता
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तीखी चढ़ाई और कम होती ऑक्सीजन से होती दिक्कत
रामबाड़ा से बड़ी लिनचोली तक कैंचीदार मोड़ वाली चढ़ाई, बाबा के भक्तों को कमर सीधी नहीं करने देती। साथ ही जैसे-जैसे यात्री धाम के लिए आगे बढ़ते हैं, ऑक्सीजन की कमी से सांस लेने में दिक्कत, रक्तचाप बढ़ने के साथ सिरदर्द की शिकायत होती है, जो कई बार जानलेवा हो जाती है। साथ ही इस छह किमी क्षेत्र में छह हिमखंड जोन भी हैं, जो अलग से परेशानी का सबब बने हैं। टीएफटी चट्टी, हथनी गदेरा, कुबेर गदेरा, भैरव गदेरा आदि हिमखंड जोन यात्रा के पहले पूरी तरह से सक्रिय रहते हैं, जिस कारण आवाजाही में दिक्कत होती है। बीते वर्षों में इस छह किमी क्षेत्र में सबसे अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें कई यात्रियों की मौत भी हुई।