दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी में बुधवार सरेशाम बदमाशों ने सनसनीखेज वारदात अंजाम दे दी। तीन बदमाशों ने पहले घी व्यापारी से 2.50 लाख रुपये लूटे। उसके बाद दूसरी दुकान पर लूट का विरोध करने पर किराना व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों वारदातों से गुस्साए व्यापारियों ने जमकर हंगामा करते हुए सीओ ब्रह्मपुरी और पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर दी।
टीपीनगर थानाक्षेत्र की नवीन मंडी में पवन गोयल (48) पुत्र सुंदर लाल गोयल निवासी सरस्वती लोक कॉलोनी की प्रेम सुंदर एंड अजय कुमार नाम से फर्म है। बुधवार शाम करीब सात बजे पवन और उनका नौकर बबलू दुकान पर बैठे थे। तभी हथियारबंद तीन बदमाश दुकान पर पहुंचे और गल्ला लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने पवन और बबलू की पिटाई करनी शुरू कर दी। इसके बाद एक बदमाश ने पवन की गर्दन से सटाकर गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात से चंद मिनट पहले ही इन्हीं तीनों बदमाशों ने पवन के सामने स्थित घी व्यापारी साबुन गोदाम निवासी राजकुमार गोयल से 2.50 लाख रुपये लूटे थे। बदमाश फायरिंग करते हुए बाइक से फरार हो गए।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि लूट के विरोध में व्यापारी पवन गोयल की हत्या हुई है। बदमाशों ने सटीक रैकी के बाद वारदात अंजाम दी है। पुलिस की टीमें लगा दी हैं।
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लाला गल्ला दे दो, नहीं देने पर की धाय धाय
बुधवार शाम 7:05 बजे थे। एक बदमाश जींस शर्ट और दो बदमाश कुर्ता पजामा पहनने थे। बाइक से तीनों बदमाशों आए थे। दो बदमाश दुकान पर आए और बोले लाला गल्ला हमको दो। लाला जी ने गल्ला नहीं छोड़ा तो एक बदमाश ने गोली मार दी। गोली लगते लाला जी नीचे गिर गए और बदमाश गल्ला लेकर बाइक से भागे। यह घटनाक्रम पवन गोयल के चश्मदीद नौकर बबलू ने पुलिस को बताई।
किराना दुकान पर पवन गोयल अपने इकलौते बेटा पुलकित के साथ बैठते थे। वारदात से 15 मिनट पहले ही पुलकित मंडी में दूसरी दुकान पर किसी काम से चले गए। दुकान पर पवन गोयल के साथ नौकर बबलू व सोनू मौजूद थे। उनकी दुकान पर एक अमित नाम का ग्राहक भी था। तभी एक बाइक पर तीन बदमाश दुकान के पास पहुंचे। एक बदमाश बाइक पर बैठा रहा, जबकि दो बदमाश दुकान पर पहुंचे। दोनों बदमाशों ने गाली गलौज दी और बोले लाला गल्ला दे दो। इससे पहले बदमाश दुकान में घुसते कि लाला जी ने गल्ला की कोली भर ली। एक बदमाश ने लाला जी को थप्पड़ मारा तो उसने विरोध किया। तभी बदमाश ने लाला जी को एक गोली मार दी। नौकर और ग्राहक ने विरोध तो किया, लेकिन बदमाशों के हाथ में हथियार देखकर वह डर गए। बदमाश मंडी में फिर कई गोलियां चलाई और बाइक पर सवार होकर भाग गए।
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भैया लाला जी को गोली मार दी
पवन गोयल का बेटा पुलकित मंडी में था। वारदात के बाद बबलू ने पुलकित को फोन किया और कहा कि भैया लाला जी को गोली मार दी। इतना सुनते ही पुलकित दुकान पर पहुंचे। जहां पर व्यापारियों की भीड़ लगी थी। पुलकित ने अपने पिता को गोद में उठाया और गाड़ी मंगाने की आवाज देने लगा। गाड़ी में पिता को लेकर पुलकित अस्पताल पहुंच, लेकिन तब तक पवन ने दम तोड़ दिया था।
कुर्ता पजामा पहनने थे बदमाश
चश्मदीद बबलू ने बताया कि दो बदमाश कुर्ता पजामा पहनने थे। जिसमें एक बदमाश हेल्मेट पहनने था। बदमाशों की उम्र करीब 20 से 25 साल के बीच में होगी। बदमाश एक दूसरे को भी गाली देकर बोल रहे थे। जो तीसरा बदमाश बाइक पर था, वह भी हेल्मेट लगाए था, एक बार तो वह बाइक से उतरकर आया, लेकिन छीना झपटी करते ही वह तुरंत बाइक पर पहुंचा और बाइक को स्टार्ट कर दुकान के सामने लगा ली।
बदमाश दुकान के बाहर और व्यापारी पवन दुकान पर अंदर बैठे थे। बदमाश ने गाली देकर गल्ला मांगा तो वह समझ गए कि बदमाश आए। पवन ने दुकान के बाहर लगे तकते पलट दिए। जोकि एक बदमाश के सिर में लगे। उसके बाद बदमाश दुकान में अंदर पहुंचे और व्यापारी को सटाकर गोली मारी।
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नौकर को बदमाशों के फोटो दिखाकर की पहचान की कोशिश
घटना के बाद व्यापारियों का गुस्सा देख पुलिस प्रशासन ने तेजी से वर्किंग शुरू कर दी। मेरठ और जोनल क्राइम बांच की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। क्राइम ब्रांच टीम ने घटना के प्रत्यक्षदर्शी नौकर बदमाशों के फोटो दिखाकर पहचान कराने की कोशिश भी की।
जोनल क्राइम ब्रांच टीम प्रभारी राजकुमार शर्मा के अलावा स्थानीय क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव यादव की टीम भी नवीन मंडी में पहुंच गई। एसपी क्राइम अजय सहदेव और क्राइम ब्रांच टीम ने घटना के चश्मदीद व्यापारी पवन गोयल के नौकर बबलू से अलग में आधा घंटा बात की। टीम ने बबलू को अपने मोबाइल में कई बदमाशों के फोटो दिखाकर बदमाशों की पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की पहचान नहीं की। क्राइम ब्रांच ने उससे बदमाश के हुलिये और बोलचाल की जानकारी भी ली।
बलू ने बताया कि बदमाश की बोली काफी अक्कड़ थी। बदमाश के हाथ में पिस्टल थी या तमंचा इसकी पुष्टि के लिए उससे बात की गई तो बबलू ने बताया कि पीछे की ओर खीचनें वाला हथियार था। इससे साफ हुआ कि वह पिस्टल थी। सूत्रों के अनुसार माना जा रहा है कि इस वारदात में हरियाणा या एनसीआर के किसी गैंग का हाथ है।
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खून के बदले खून, तभी मिलेगा हमें इंसाफ
भरी मंडी में सरेशाम व्यापारी का मर्डर होना मानो मेरठ में जंगलराज हो गया। बदमाशों ने लूट की और व्यापारी का मारकर आसानी से फरार हो गए। पीड़ित परिवार का गुस्सा फूटा तो पुलिस का सिस्टम लड़खड़ाने लग गया। व्यापारियों ने ऐलान किया कि खून के बदले खून चाहिए, तभी हमें इंसाफ मिलेगा। व्यापारी की लाश तब उठेगी, जब पुलिस बदमाशों को मार देंगी। इतना सुनते ही पुलिस अधिकारी भी एक दूसरे को देखने लगे।
व्यापारी पवन गोयल की हत्या की सूचना शहर भर आग की तरफ फैली। कुछ व्यापारी नेता तो नवीन मंडी में पहुंचे और कुछ नेता केएमसी हॉस्पिटल पहुंच गए। दोनों जगह व्यापारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। व्यापारियों और पीड़ित परिवार एक ही मांग थी कि खून के बदले खून चाहिए। पुलिस के समझ में नहीं आया कि आखिर स्थिति कैसे कंट्रोल करे। एसपी सिटी को मंडी में भेजा और एसएसपी खुद केएमसी हॉस्पिटल पहुंचे। एसएसपी पवन की लाश देखकर सीधे पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे।
पीड़ित परिवार का एसएसपी पर जमकर गुस्सा फूटा। उनका कहना था कि आखिर कब तक मेरठ का व्यापारी बदमाशों के हाथों मरेगा। पवन गोयल के बाद उनके परिवार का कौन पेट पालेगा। एसएसपी ने आरोपी को जल्द पकड़ने की बात कही तो पीड़ित और व्यापारी बोले कि अगर इंसाफ दिलाना चाहते हो तो खून के बदले खून दो। व्यापारी व पीड़ित परिवार में बहुत गुस्सा था। उनको कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था। काफी जिदोजेहद के बाद व्यापारी शांत हुए, तब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
कब तक मरेंगे हमारे व्यापारी
कुख्यात कपिल और मोनू जाट को पुलिस नहीं पकड़ पा रही। दोनों कुख्यात एक के बाद एक लूट और हत्या की वारदात कर रहे है। मोनू की दहशत के चलते रोहटा के कई व्यापारी तो पलायन कर चुके है। इसके बावजूद भी पुलिस गंभीर नहीं हो रही। टीपीनगर के साबुन गोदाम में व्यापारी पर बदमाशों ने जानलेवा हमला किया और सरस्वती लोक के सामने बदमाशों ने एक के बाद एक 17 लूट की वारदात को अंजाम दिया। शहर हो या देहात सब जगह बदमाशों के निशाने पर व्यापारी है। व्यापारी नेताओं ने कहा कि आखिर कब तक हमारे व्यापारी लूटे और मरे।
एनकाउंटर नहीं तो बाजार नहीं खुलेंगे
व्यापारियों ने पुलिस को खुली चेतावनी दी कि अगर बदमाशों के एनकाउंटर नहीं हुए तो बाजार नहीं खोलेंगे। तुम बदमाशों को मारो, हम पुलिस की मदद करेंगे। पुलिस ने अगर ऐसा नहीं किया तो व्यापारी खुद हथियार को उठाने के लिए विवश हो जायेंगे। पुलिस ने व्यापारियों को समझा बुझाकर शांत किया और कहा कि बदमाशों को कतई नहीं बख्शा जाएगा।
यह सरकार तो अपराधियों की है
पीड़ित परिवार और व्यापारियों ने प्रदेश सरकार को भी जमकर कोसो है। व्यापारियों ने यहां तक कह दिया कि पुलिस की मिलीभगत से बदमाश लूट और हत्या कर रहे है। पुलिस और नेता अपराधियों को संरक्षण दे रहे है। व्यापारियों ने पुलिस को खूब जमकर खरीखोटी सुनाई, लेकिन पुलिस के अफसर मूकदर्शक बनकर देखते रहे। किसी के पास व्यापारियों के सवालों के जवाब नहीं थे।
सरेशाम हवा में उड़ गया पुलिस का अलर्ट
सरेआम सात बजे नवीन मंडी में बदमाशों ने लूट और किराना व्यापारी की हत्या कर पुलिस को खुलेआम चुनौती दे दी। जिस तरह से बदमाशों ने शहर के बीचोंबीच नवीन मंडी में व्यापारी की हत्या कर पुलिस के अलर्ट को हवा में उड़ा दिया उससे साफ है कि पुलिस अफसरों द्वारा सड़क पर चलाये जा रहे चेकिंग अभियान को भी बदमाशों ने कुचल दिया। लूट के दौरान हत्या की घटना ने व्यापारियों में दहशत फैला दी है।
बदमाशों ने कानून व्यवस्था को उस समय खुलेआम चुनौती दी जब समाजवादी पार्टी में घमासान चल रहा है। विपक्षी पार्टी के नेता जहां कानून व्यवस्था पर सरकार पर निशाना साधकर सपा पार्टी को घेरने में लगे हैं तो प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस अफसरों को सड़क पर उतरने के निर्देश दिए। रात में पुलिस अफसरों ने पेट्रोलिंग गश्त, प्रत्येक थाना प्रभारी द्वारा रात में गश्त और सड़कों पर चेकिंग के निर्देश भी दे रखे हैं।
लेकिन बुधवार शाम की घटना से तो ऐसा लगा कि बदमाशों ने बीच शहर में लूट के बाद व्यापारी की हत्या दहशत फैलाना मकसद था। बाइक से बदमाश किस रास्ते से भागे इसका जबाव किसी भी पुलिस अफसर के पास नहीं था। घटना के बाद सैकड़ो व्यापारियों ने बवाल काटना शुरू किया तो एसएसपी जे. रविन्दर गौड समेत तमाम पुलिस अफसर और सात- आठ थानों की फोर्स पहुंच गई। लूट के बाद व्यापारी की हत्या ने लखनऊ तक गूंज पहुंचा दी।
कहां गई पुलिस की चेकिंग
वीन मंडी में टीपीनगर थाने की सीमा पड़ती है तो दिल्ली रोड के दूसरी तरफ ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र लगता है। शाम के सात बजे पुलिस सड़कों पर थी, अफसरों का अलर्ट था। खुद जिले के 30 थानेदार और 10 सीओ चेकिंग में थे। लेकिन बदमाशों की घेराबंदी तो दूर पुलिस यह नहीं बता सकी कि बदमाश किस रास्ते से भागे।