कॉलेज प्रशासन तक पहुंची शिकायत
कॉलेज के एक छात्र ने कॉलेज प्रशासन को गुरुवार को ही इसकी सूचना दे दी थी, जिसे लेकर कॉलेज ने जांच कमेटी गठित कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला लोगों तक पहुंचा। शहर के कॉलेजों और पंजाब यूनिवर्सिटी के सोशल मीडिया पेजों पर वीडियो को शेयर कर छात्रों पर कार्रवाई की मांग की गई और इसे गलत बताया जा रहा है।
कॉलेज प्रशासन को छात्रों की ओर से रैगिंग की जानकारी गुरुवार को दे दी गई। इसके बाद कॉलेज की ओर से फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। वहीं फूड कोर्ट एरिया की सीसीटीवी फुटेज भी निकलवा ली गई है। फुटेज के आधार पर रैगिंग करने वाले छात्रों की पहचान की जा रही है। दोषी पाए जाने वाले छात्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी जिससे भविष्य में किसी अन्य छात्र को परेशान न किया जाए। - डॉ संगीत मेहता, प्रिंसिपल, सीसीए-12।
- यूजीसी ने कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वॉयड, एंटी-रैगिंग सेल और कॉलेज के प्रमुख जगहों पर कैमरे इंस्टॉल करें।
- कॉलेज परिसर में एंटी-रैगिंग वर्कशॉप का आयोजन करें।
- स्टूडेंट्स के साथ लगातार बातचीत की जाए और काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया जाए।
- एंटी-रैगिंग वार्निंग को कॉलेज के ई-इंफोर्मेशन बुकलेट में सुनिश्चित किया जाए।
- हॉस्टल, स्टूडेंट्स एकोमोडेशन, कैंटीन, रिक्रिएशनल रूम्स, टॉयलेट, बस स्टैंड जैसी जगहों पर औचक निरीक्षण किया जाए और इसके साथ ही एडमिशन सेंटर, डिपार्टमेंट, लाइब्रेरी, कैंटीन, हॉस्टल, कॉमन फैसिलिटी जैसी जगहों पर एंटी-रैगिंग पोस्टर लगाए जाएं।
- रैगिंग जैसी समस्याओं से परेशान छात्र नेशनल एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5522 पर कॉल कर सकते हैं या एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ईमेल helpline@antiragqins.in पर मेल भी कर सकते हैं।