इसमें लकड़ी फेंकने पर आग लग जाती है और पानी फेंकने से तेज धमाके के साथ धुंए का बादल उठता है। इसे खेतों में गिरते देखने वाले गांव बसरूप निवासी सतपाल ने बताया कि 7 जून की दोपहर करीब डेढ़ बजे आग का गोला गिरा, वह पास ही धर्मकांटे पर काम कर रहा था। जब वहां जाकर देखा तो थोड़ी जमीन धंसी थी, बाकी कुछ दिखाई नहीं दिया। वह 2 दिन बाद दोबारा वहां गया तो राख की हलकी परत दिखाई दी और उक्त जगह से तेज गर्मी निकलने लगी। उसके बाद 3 बार बारिश हुई, इसके बावजूद शुक्रवार को उक्त जगह से लावा निकलना शुरू हो गया।