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पति-पत्नी के संबंधों पर हाईकोर्ट का बेहद ऐतिहासिक फैसला, टेंशन देगा और राहत भी

Sun, 17 Jun 2018 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पति और पत्नी के संबंधों को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा ही ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसे पढ़कर किसी को झटका लगेगा और किसी को राहत मिलेगी। दरअसल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया।
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फैसला पलटते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही पत्नी के अप्राकृतिक संबंधों के आरोप साबित न हों  फिर भी परिस्थितियों को आधार बनाकर तलाक मंजूर किया जा सकता है। ट्रायल कोर्ट ने पत्नी की उस दलील को मानने से इंकार कर दिया था जिसमें उसने कहा था कि उसका पति घिनौना व्यवहार करता है और उस पर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का दबाव डालता है।
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ट्रायल कोर्ट ने यह दलील इसलिए नहीं मानी थी कि इसका कोई सबूत नहीं दिया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कहा कि चाहे इसका कोई सबूत न दिया जा सकता हो, लेकिन इसके अलावा भी कई अन्य परिस्थितियों पर गौर किया जाना चाहिए। इस केस में पत्नी आठ वर्ष पहले ही एक बच्चे को साथ लेकर पति से अलग हो चुकी है।

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कोई भी पत्नी अपने बच्चे सहित पति का घर तब तक नहीं छोड़ सकती जब तक ऐसे हालात पैदा न कर दिए गए हों। जिला अदालत में पत्नी की जब तलाक की अर्जी विचाराधीन थी तब उसने पति से किसी भी तरह का गुजारा भत्ता नहीं मांगा और आपसी सहमति से तलाक दिए जाने का आग्रह करती रही। हाईकोर्ट ने कहा कि जिला अदालत ने इस मामले में पत्नी की इन सभी परिस्थितियों पर गौर न कर उसके तलाक की अर्जी खारिज कर दी जो कि सही नहीं है।
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यह सभी परिस्थितियां इशारा करती हैं कि पत्नी के साथ पति का व्यवहार बेहद ही क्रूर था और वह न सिर्फ पत्नी दहेज़ की मांग ही करता था बल्कि अपनी पत्नी के साथ बेहद ही घिनौने तरीके से पेश आता था। इस मामले में पत्नी को शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया है लिहाजा पत्नी की तलाक की अर्जी को स्वीकार किया जाता है।
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